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कोरोना संक्रमितों की संख्या 2 हजार पार हुई; बरेली में संक्रमण से पहली मौत, काशी 24 घंटे तक पूरी तरह सील रहेगी

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का असर 60 जिलों में फैल गया है। राज्य में अभी तक कुल 2053 कोरोना पॉजिटिव मिले। जबकि 462 कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए। बीते 24 घण्टेमें कुल 63 लोगों कोस्वस्थ होने पर घर भेजा गया।प्रदेश मेंकोरोना से 34 लोगों की मौत भी हो चुकी है। कोरोना के अभी 1557 एक्टिव केस हैं। मंगलवार को राज्य में कुल 66 मामले सामने आए थे। इस बीच बरेली में संक्रमित मरीज की बुधवारसुबह इलाज के दौरान मौत हो गई।

बरेली में हजियापुर के रहने वाले 35 साल के शख्स को सांस लेने में तकलीफके चलते सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।जांच के बाद पता चला कि पीड़ित कोरोना पॉजिटिव है।इसके बाद उसे निजी अस्पताल में एडमिट कराया गया था।उसके परिवार के सभी 6 सदस्यों को निजी अस्पताल में क्वारैंटाइन किया गया है।

आगरा:15 नए पॉजिटिव मामले सामने आए

आगरा में कोरोना संक्रमित मरीजों के लगातार सामने आने से यहां स्थिति विस्फोटक होती जा रही है। आगरा में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 400 को पार कर गया है। इस बीच आला अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
आगरा में लगातार कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। जिले में अब तक 400 केस मिले हैं। इस बीच आला अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।

आगरा में 15 कोरोना मरीज और मिले हैं। इनमें एक प्रशासनिक अधिकारी का सुरक्षाकर्मी शामिल है। शहरमें संक्रमितों का आंकड़ा 404 पर जा पहुंचा।संक्रमण के मामले में आगरा प्रदेश में पहले और देश में 11वें स्थान पर है। बुधवार सुबह 12 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।जबकि तीन लोगों की मंगलवार देर शाम रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। आगरा में अधिकारियों ने कई अस्पतालों के इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षणकर मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा भी लिया।

मेरठ: मुस्लिमनेहिंदू की अर्थी को कंधा दिया

मेरठ में मंगलवार को एक हिन्दू समुदाय के बुजुर्ग की मौत हो गई। उनकी अर्थी को कांधा देने वाले भी नहीं थे। इस दौरान वहां रहने वाले मुस्लिम भाईयों ने भाइचारे की मिसाल कायम करते हुए उनकी अर्थी को कांधा देते हुए अंतिम संस्कार कराया।
मेरठ में मंगलवार को एक हिन्दू समाज के बुजुर्ग की मौत हो गई। उनकी अर्थी को कंधा देने वाले भी नहीं थे। इस दौरान वहां रहने वाले मुस्लिमों ने भाइचारे की मिसाल कायम की और बुजुर्ग की अर्थी को कंधा देकर अंतिम संस्कार कराया।

मेरठ में कौमी एकता की मिसाल की यह तस्वीर कई सांप्रदायिक दंगे देख चुके इस शहर के लिए किसी सुखद आश्चर्य से कम नहीं है।शाहपीर गेट स्थित कायस्थ धर्मशाला में नीचे भगवान चित्रगुप्त का ऐतिहासिक मंदिर है। धर्मशाला के प्रथम तल पर मंदिर के पुजारी रमेशचंद माथुर (68) परिवार के साथ रहते थे। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे। मंगलवार कोउनका निधन हो गया। घर पर पत्नी रेखा माथुर और छोटा बेटा चंद्रमौलि थे। बड़ा बेटा दिल्ली में था। लॉकडाउन के चलते नहीं पहुंच सका। अर्थी को चार कंधों की जरूरत थी। ऐसे में शाहपीरगेट के मुस्लिम आगे आए और अंतिम संस्कार से पहले की रस्में पूरी कराने के साथ अर्थी को कंधा भी दिया।


वाराणसी: एक दिन के लिए पूरा शहरसील
जिले में बढ़ते संक्रमण कोदेखते हुए प्रशासन नेएक दिन के लिए काशी पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया है। केवल मेडिकल इमरजेंसी के अलावा कोई मिला तो उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। शहर में मंगलवार शाम को 12 केस मिलने से जिलाधिकारीकौशल राज ने बुधवार को संपूर्ण लाॅकडाउन का आदेश जारी किया है। किसी भी मंडी और दुकानों के खुलने के आदेश को एक दिन के लिए रद्द और सभी पास कैंसिल कर दिए गए हैं। सुबह से ही बंदी का व्यापक असर देखने को मिला। चौक इलाका, सदर बाजार, सारनाथ सब्जी मंडी सभी पूरी तरह से बंद दिखा।



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वाराणसी में प्रशासन ने एक दिन के लिए पूरा शहर सील करने का फैसला लिया है। यहां पर मंगलवार को एक साथ 12 पॉजिटिव मामले सामने आए थे। फिलहाल, सारे पास रद्द कर दिए गए हैं। सुबह से सड़कों पर सन्नाटा देखा गया।


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