Skip to main content

देश के इन 8 मंदिरों में ऑनलाइन दर्शन 100 गुना तक बढ़ा, ऑनलाइन अभिषेक-प्रसाद बुकिंग में 90 फीसदी गिरावट

(प्रमोद कुमार)कोरोना से लोगों की आस्थाके स्वरूप में भी बदलाव आया है। अच्छी बात यह है कि मंदिर के पट बंद हैं तो लोग ऑनलाइन दर्शन कर रहे हैं। भास्कर ने इस ट्रेंड को चेक किया तो पता चला कि देश के प्रमुख 8 मंदिरों में ही एक माह में 2 से 100 गुना तक ऑनलाइन दर्शन बढ़ा है। हालांकि, दूसरी तरफ मंदिर प्रबंधकों के अनुसार ऑनलाइन पूजा, अभिषेक, हवन, प्रसाद बुक करवाने वालों की तादाद केवल 10 फीसदी बची है। लोग अभी ऑनलाइन दान नहीं कर रहे हैं। पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट...

1. शिर्डी साईं मंदिर ऑनलाइन दर्शन के लिए भक्तों की संख्या दोगुनी से ज्यादा

शिर्डी:यहां लॉकडाउन के दौरान वेबसाइट पर रोज 30 हजार लोग ऑनलाइन दर्शन करते हैं। जबकि पहले रोजाना करीब 16 हजार लोग पेज पर आते थे। वहीं मोबाइल ऐप, टाटा स्काई, जियो टीवी पर ऑनलाइन दर्शन करने वालों की संख्या एक लाख है। शिर्डी संस्थान के आईटी हेड अनिल शिंदे के मुताबिक, लॉकडाउन में ऑनलाइन दर्शन करने वालों की संख्या दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। दूसरी तरफ इस दौरान ऑनलाइन दान 95% कम हुआ है। पूजन सामग्री की ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो रही है।

(दर्शन समय- सुबह 5 बजे से लेकर रात 10 बजे तक)

2. सिद्धि विनायक एक महीने में एक करोड़ लोगों ने लाइव दर्शनकिए
मुंबईःलॉकडाउन के दौरान रोज 3 लाख लोग लाइव दर्शन कर रहे हैं। जबकि जनवरी-फरवरी में रोजाना एक लाख लोग ऑनलाइन दर्शन करते थे। मंदिर ट्रस्ट के अनिल परव के मुताबिक, वेबसाइट के अलावा जियो, यू-ट्यूब, एफबी पर भी लाइव दर्शन सुविधा है। एक टेलीकॉम कंपनी के अनुसार महाराष्ट्र, मुंबई, गोवा में पिछले साल मार्च-अप्रैल में 30 लाख के मुकाबले इस साल एक करोड़ लोग किसी न किसी प्लेटफॉर्म पर लाइव दर्शन कर रहे हैं। यानी रोज 3 लाख से ज्यादा।

(समय- सुबह 7 से रात 9 बजे तक)

3. वैष्णो देवी 10 हजार ऑनलाइन दर्शक बढ़े, अटका आरती भी लाइव
जम्मूःअप्रैल 2019 में यहां 7 लाख लोग दर्शन करने आए थे, लेकिन इस बार कोरोना के कहर से मंदिर में केवल पुजारी ही प्रवेश कर पा रहे हैं। मंदिर की वेबसाइट पर सुबह और शाम अटका आरती का लाइव प्रसारण किया जाता है। मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक, वेबसाइट और ऐप के अलावा श्रद्धा चैनल पर भी आरती का लाइव प्रसारण किया जाता है। लॉकडाउन से पहले वेबसाइट पर 5 हजार लोग ऑनलाइन लाइव दर्शन करते थे, लेकिन अब रोजाना 15 हजार से ज्यादा लोग दर्शन कर रहे हैं।

(समय- सुबह 6.30 और शाम 7.20 बजे तक)

4. सोमनाथ ज्योतिर्लिंग 45 देशों के ढाई करोड़ लोगों ने दर्शन किए, पहले केवल 3 लाख

सोमनाथ:वेबसाइट, एफबी पेज, ट्विटर और ऐप पर दर्शन होते हैं। सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के जनरल मैनेजर विजय सिंह चावड़ा बताते हैं कि पिछले एक महीने में दुनिया के 45 देशों के ढाई करोड़ लोगों ने ऑनलाइन दर्शन किए हैं। जबकि लॉकडाउन से पहले एक महीने में औसतन 3 लाख लोग ऑनलाइन दर्शन करते थे। पिछले एक महीने में ऑनलाइन पूजन, दान-पुण्य, अभिषेक, प्रसादी आदि की बुकिंग बहुत कम हुई है। रुटीन ऑनलाइन बुकिंग का यह ज्यादा से ज्यादा 5 प्रतिशत होगा।
(समय- सुबह 6 बजे से शाम 7.30 बजे तक)

5. काशी विश्वनाथ रोज दर्शन करने वाले श्रद्धालु करने लगे ऑनलाइन दर्शन

वाराणसी:मंदिर की वेेबसाइट के अलावा एफबी और ऐप पर लाइव दर्शन की सुविधा है। मंदिर ट्रस्ट के विवेक पांडे के अनुसार, ऑनलाइन दर्शन की संख्या 15 से अब 25 हजार हो गई है। लाॅकडाउन में काशी विश्वनाथ के प्रतिदिन दर्शन करने वाले स्थानीय भक्तों को भी अब ऑनलाइन ही दर्शन करना पड़ रहा है, इसलिए यह संख्या बढ़ी है। पूजन, भजन, जाप, प्रसादी वाले लोग ऑनलाइन निवेदन नहीं कर रहे हैं। न ही फोन पर जाप के लिए कह रहे हैं।
(समय- सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक)

6. चिंतपूर्णी माता लॉकडाउन के दिन से ही शुरू की ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था

कांगड़ा:विश्व प्रसिद्ध माता मंदिर के पट कोरोना के कारण जैसे ही श्रद्धालुओं के लिए बंद हुए, वैसे ही मंदिर प्रशासन ने ऑनलाइन रियलटाइम दर्शन की व्यवस्था बनाई। अब तकरीबन 10 हजार लोग रोज घर बैठे माता और आरती के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर अधिकारी मनोज ठाकुर बताते हैं कि 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दिन ही हमने यूट्यूब चैनल बनाया और वेेबसाइट से लिंक किया। साथ ही एफबी और यूट्यूब पर पेज बनाकर ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था की।
(समय- 24 घंटे दर्शन)

7. महाकालेश्वर मंदिर में 10 गुना बढ़े ऑनलाइन फाॅलोअर
उज्जैनःमहाकाल के ऑनलाइन भक्त भी 10 गुना बढ़ गए हैं। मंदिर प्रशासक सुजान सिंह रावत के अनुसार, 22 मार्च से 15 अप्रैल के बीच 68 हजार 512 लोगों ने ऑनलाइन दर्शन किए। फेसबुक पर दर्शन करने वाले 10 गुना बढ़कर 55 लाख 41 हजार हो गए। यूट्यूब पर लगभग 5 हजार लोग लाइव दर्शन करते हैं।
(समय- सुबह 4 बजे से लेकर रात 10 बजे तक)

8. बांके बिहारी पहले 10 हजार, अब 50 हजार भक्त कर रहे दर्शन
मथुराःबांके बिहारी मंदिर के एप पर जनवरी-फरवरी में 10 हजार लोग लाइव दर्शन करते थे, अब 50 हजार हो गए हैं। मंदिर प्रबंधक मुनेश शर्मा के मुताबिक, ऐप और फेसबुक पेज पर लाइव आरती का प्रसारण किया जा रहा है। मंदिर के पुजारी के मुताबिक, फोन पर होने वाली पूजन बुकिंग नहीं आ रही है।
(समय- सुबह, दोपहर, शाम की आरती का लाइव दर्शन)



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के जनरल मैनेजर विजय सिंह चावड़ा बताते हैं कि पिछले एक महीने में दुनिया के 45 देशों के ढाई करोड़ लोगों ने ऑनलाइन दर्शन किए हैं। (फाइल)


from Dainik Bhaskar /national/news/online-darshan-in-these-8-temples-of-the-country-increased-by-100-times-online-abhishek-prasad-booking-decreased-by-90-percent-127257691.html
via IFTTT

Comments

Popular posts from this blog

किसान दादा का दर्द देख 9 साल के बच्चे ने बनाया टिकटॉक वीडियो, मासूमियत भरी आवाज में वह बोला- देखो, गेंदा कैसे फेंकना पड़ रहा है

कुणाल की उम्र नौ साल है और वो मेरठ जिले के लावड कस्बे में रहते हैं। उनके दादा छेद्दा सिंह एक किसान हैं और बीते कई साल से गेंदे के फूल की खेती कर रहे हैं। इस साल जब लॉकडाउन के चलते छेद्दा सिंह की फूलों की सारी फसल बर्बाद होने लगी तो कुणाल ने अपने दादा की मदद के लिए एक बेहद मासूम प्रयास किया। कुणाल ने एक बर्बाद होते फूलों का एक वीडियो बनाया और टिकटॉक पर इसे साझा करते हुए कहा, ‘देखिए भाइयों देखिए। किसानों को खेत से बाहर कैसे फेंकना पड़ रहा है गेंदा। किसानों का कोरोना वायरस की वजह से बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। इसीलिए इस वीडियो को लाइक और शेयर करके आगे बढ़ाएं।’ भरपूर मासूमियत और बेहद उत्साह के साथ कुणाल बताते हैं कि उनका ये वीडियो अब तक 125 लोगों ने देख लिया है। यह पूछने पर कि उन्होंने यह वीडियो क्यों बनाया, वे पूरे आत्मविश्वास के साथ कहते हैं, ‘ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जान सकें कि कोरोनावायरस के कारण किसानों को कितना नुकसान हो रहा है।’ जिस नुकसान का जिक्र कुणाल कर रहे हैं उसकी मार इन दिनों मेरठ की सरधना तहसील के सैकड़ों किसान झेल रहे हैं। यहां लावड कस्बे में सब्जियों और फूलों की अच्छी...

The mystery of the 'blue monkeys' in ancient Grecian frescoes, solved

via World news – breaking news, videos and headlines - CNN https://ift.tt/3ejZ05j

पहली बार ऐसा होगा जब घर पर ही पढ़ी जाएंगी नमाज, चांद दिखने पर 24 या 25 मई को मनेगी ईद

कल यानी शुक्रवार, 24 अप्रैल को चांद दिखने के बाद आज से रमजान महीने की शुरुआत हो गई है। 23 अप्रैल को साउदी अरब में चांद दिखने पर वहां रमजान महीना शुरू हो गया है। कोरोना संक्रमण के कारण जारी लॉकडाउन में मुस्लिमपहली बार तरावीह की नमाज घरमें ही अदा करेंगे। तरावीह रमजान में पढ़ी जाने वाली खास नमाज को कहते हैं।सऊदी अरब सरकार ने मक्का-मदीना बंद कर रखा है। इस कारण वहांउमराह के लिए भी लोग नहीं जा सकेंगे। जून-जुलाई में हज के निरस्त होने की भीआशंका है। 25 अप्रैल यानी आज से एक महीने तक रोजे रखकरपांचवक्त की नमाज व तरावीह घर पर ही पढ़ी जाएंगी। लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के कारण मसजिदों में नमाज पढ़ने पर रोक लगी है। इस महीने रोजेदार करीब 15 घंटे भूखे-प्यासे रहकर इबादत करेंगे। रमजान के खास दिनशब-ए-कद्र 20 मई को औररमजान का अलविदा जुमा 22 मई को रहेगा। चांद दिखने पर ईद-उल-फितर 24 या 25 मई को मनाया जाएगा। तीस दिन तक अदा की जाएगी तरावीह की नमाज हर मुसलमान को दिन में 5 बार नमाज पढ़ने का नियम है, लेकिन रमजान में 6 बार नमाज पढ़ी जाती है। छठी नमाज रात में होती है, इसे ही तरावीह कहा जाता है। इस नमाज में हर ...

कोरोना के इलाज के लिए मलेरिया की दवा की मांग बढ़ी, भारत इसका सबसे बड़ा सप्लायर, हर महीने बना सकता है 30 करोड़ टैबलेट्स

दुनिया कोरोनावायरस संकट से जूझ रही है। कोराेना के खिलाफ कोई कारगर दवा अभी तक नहीं है।ऐसे में सिर्फ एक दवा हाइड्रोक्सी-क्लोरो-क्विन (एचसीक्यू) की सबसे ज्यादा चर्चा है। केंद्र सरकार ने 25 मार्च को इसके निर्यात पर बैन लगा दिया था। बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति की मांग पर बैन हटाया गया। सिर्फ अमेरिका ही नहीं, दुनिया के कई देश भारत से इस दवा की मांग कर रहे हैं। यह दवा कोरोना की नहीं, बल्कि मलेरिया की है। शुरुआती स्तर पर अभी तक कोरोना के संक्रमण और लक्षणों को कम करने में इसे सबसे ज्यादा प्रभावी माना जा रहा है। हालांकि,शनिवार को देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि यह दवा किसको और कितनी देनी है, इस बारे में वह कोई अनुशंसा नहीं करता है। साथ ही यह भी कहा कि बिना डॉक्टर की सलाह के यह दवाई न ली जाए। पिछले 76 साल से भारत में एंटी मलेरिया और रूमेटाइड अर्थराइटिस के उपचार में उपयोग की जा रही इस दवाई की अचानक से बाजार में किल्लत हो गई है। सबसे पहले बड़े पैमाने पर दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान इस दवा का उपयोग हुआ था। यह टैबलेट मूल रूप से इम्यून पॉवर को बढ़ाती है। भारत ने 13 देशों के लिए अपना...

लॉकडाउन से गंगा में मानव मल की मात्रा लक्ष्मण झूले के पास 47 और हरिद्वार में 25 प्रतिशत कम हुई

इन दिनों गंगा-यमुना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं। सुखद आश्चर्य के साथ लोग इन वीडियो में बता रहे हैं कि कैसे देश भर में हुए लॉकडाउन के बाद इन नदियों का पानी स्वतः ही बेहद साफ नजर आने लगा है। दिल्ली तक आते-आते जो यमुना पूरी तरह से गंदा नाला दिखने लगती है, इन दिनों फिर से नदी लगने लगी है। ऐसे ही गंगा भी इन दिनों इतनी साफ लगने लगी है कि ऋषिकेश-हरिद्वार तक तो उसके पानी को पीने योग्य बताया जाने लगा है। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की हालिया रिपोर्ट बताती है कि ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला क्षेत्र में इन दिनों गंगा के पानी में फ़ीकल कॉलिफोर्म (मानव मल) की मात्रा में 47 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं ऋषिकेश में बैराज से आगे यह कमी 46 प्रतिशत, हरिद्वार में बिंदुघाट के पास 25 प्रतिशत और हर की पौड़ी पर 34 प्रतिशत दर्ज की गई है। इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है लॉकडाउन के दौरान हर की पौड़ी पा गंगा का पानी ‘क्लास-ए’ स्तर का हो चुका है। यानी इसे ट्रीट किए बिना ही सिर्फ़ क्लॉरिनेशन करके भी पिया जा सकता है। ऐसे में यह सवाल बेहद प्रासंगिक लगता है कि गंगा-यमुना सफ़ाई के नाम पर खर्च हो चुक...

Companies badly hit by coronavirus COVID-19 pandemic targets of foreign takeovers, says Rahul Gandhi

via Google News https://ift.tt/3eiFzd9