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अब तक राज्य में 68 पॉजिटिव केस; मुख्यमंत्री बोले- लॉकडाउन बढ़ाने पर केंद्र के फैसले के साथ रहेगा राज्य

झारखंड में अब तक कोरोना संक्रमण के 68 केस मिल चुके हैं। इनमें 53 एक्टिव केस हैं जिनका राज्य के अलग-अलग अस्पतालों के कोविड-19 सेंटर में इलाज चल रहा है। वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि लॉकडाउन बढ़ाने पर झारखंड केंद्र के फैसले के साथ रहेगा। लॉकडाउन फेज-2 के 12वें दिन रविवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में मिलजुली तस्वीरें देखने को मिली। हालांकि अधिकतर जगहों पर बारिश की वजह से सड़कें और बाजार खाली रही। वहीं जहां लोग बाजारों में पहुंचे वहां उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया।

उधर, शनिवार को रांची से पांचऔर पलामू से तीन नए मरीज मिले। रांची के हिंदपीढ़ी से चार व कांटाटोली से एक जबकि पलामू के लेस्लीगंज से तीन संदिग्धों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।सभी मरीजों को कोविड-19 सेंटर में भर्ती करा दिया गया है।रेड जोन में शामिल रांची में अब तक 43कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। हॉट स्पॉट बन चुके हिंदपीढ़ी में मरीजों की संख्या बढ़कर 39हो गई है। वहीं, कांटाटोली व बरियातू में एक-एक और बेड़ो में दो पॉजिटिव मिले हैं। यानी कुल 68मरीजों में 43रांची, 10 बोकारो, 02 धनबाद, 02 देवघर, 02 गिरिडीह, 03 हजारीबाग, 02 सिमडेगा, 01 गढ़वा और पलामू के तीन मरीज शामिल हैं। राज्य में 68कोरोना के पॉजिटिव केस में 53एक्टिव हैं, जिनका अलग-अलग जगहों पर कोविड-19 सेंटर में इलाज चल रहा है। कुल मरीजों में से 12 स्वस्थहो चुके हैं, जबकि तीन की मौत हो चुकी है।

सोमवार को लॉकडाउन तीन मई से आगे बढ़ाने के मुद्दे पर पीएम मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि तीन मई के बाद धीरे-धीरे कुछ और चीजें खुलेंगी। बाहर फंसे छात्र, मजदूर और मरीज भी झारखंड आने लगेंगे। उन्हें क्वारैंटाइन में रखना, मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना और उनका स्वास्थ्य जांच बड़ी चुनौती होगी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन तीन मई से आगे बढ़ाने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री सोमवार को मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे। वह केंद्र सरकार के फैसले के साथ जाएंगे। लेकिन प्रधानमंत्री के सामने ये समस्याएं भी रखेंगे। एक मीडिया चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा- मैंने केंद्रीय गृहमंत्री से दूसरे राज्यों में फंसे छात्रों और मजदूरों को लाने पर बात की है। यह भी कहा झारखंड अभी दोहरी आपदा से गुजर रहा है। जीएसटी लागू होने से पहले ही कमर टूट चुकी है। कोरोना संक्रमण अब बढ़ा है और जांच भी तेज की जा रही है।

दुकानें खोलने पर आज भी हो सकती है बैठक
आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉक्टर अमिताभ कौशल ने कहा कि दुकानें खोलने पर एक-दो दिन में फैसला लिया जाएगा। फिलहाल केंद्र के दिशा-निर्देशों का अध्ययन किया जा रहा है। इसे लेकर शनिवार को बैठक हुई, पर फैसला नहीं हो पाया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से केंद्रीय कैबिनेट सचिव से भी विमर्श हुआ। अब रविवार को फिर बैठक हो सकती है, जिसमें फैसला संभव है।

दवा, खाद्य सामग्री लेने के लिए लोगों को मिलेगा दो घंटे का एम-पास, दो किलोमीटर के दायरे में ही कर सकेंगे खरीदारी
कोविड-19 संक्रमण को लेकर लागू लॉकडाउन के मद्देनजर खाद्य सामग्री खरीदने के लिए अगर घर से निकलना है तो जिला प्रशासन आपको एम-पास देगा। इसके लिए झारखंड सरकार के राज्य एनआईसी मुख्यालय द्वारा विकसित झारखंड बाजार एप डाउनलोड कर उसमें रजिस्ट्रेशन कराना होगा। एम-पास के लिए आवेदन करने पर घर से दो किमी के दायरे में फल, सब्जी, किराना सामान, दूध, दवा आदि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ले सकेंगे। यह पास दो घंटे के लिए मान्य होगा। पास जब इश्यू होगा तो इसका रंग हरा होगा। एक घंटे के बाद एम-पास का रंग नारंगी में बदल जाएगा। जबकि, 2 घंटे के बाद इसका रंग लाल हो जाएगा। जिससे यह पता चलेगा कि इसकी अवधि समाप्त हो गई है। डीसी राय महिमापत रे ने बताया कि दरअसल एप से खाद्य सामग्री होम डिलीवरी करा सकते हैं। होम डिलीवरी नहीं होने की स्थिति में एम-पास के लिए आवेदन देना होगा।

एक व्यक्ति को एक दिन में एक पास, नहीं मानने पर मिलेगा दंड
हर व्यक्ति को एक दिन में एक ही एम-पास जारी होगा। जबकि, 55 साल या उससे अधिक उम्र के व्यक्ति को एम-पास जारी नहीं होगा। इसके पीछे तर्क यह है कि कोरोना में बुजुर्गों का घर में ही रहना ज्यादा बेहतर है। ऐसे लोग होम डिलीवरी से सामान मंगाएं। एप में प्रत्येक दो-दो घंटे का स्लॉट है। हालांकि, रांची नगर निगम व प्रखंड के किस इलाके में कितने पास एक स्लॉट में जारी हों, यह जिला प्रशासन तय करेगा। वहीं, पास का दुरुपयोग करने पर दंडात्मक कार्रवाई करने की बात कही गई है।

खुदरा व्यापारी दो डिलीवरी ब्वॉय के लिए ले सकते हैं पास, वैधता सुबह 6 से रात 10 बजे तक रहेगी
खाद्य सामग्री की होम डिलीवरी करने के लिए प्रत्येक खुदरा व्यापारी अपने दो डिलीवरी ब्वॉय के लिए एम-पास जारी करा सकते हैं। इसके लिए व्यापारी को स्टाफ का संपूर्ण विवरण देना होगा। डिलीवरी ब्वॉय का नाम, पता, आधार कार्ड के साथ अन्य विवरण व्यापारी को देना होगा। इसके बाद ही एम-पास जारी होगा। इसकी वैधता सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक की होगी। डीसी ने आदेश दिया है कि सभी इंसिडेंट कमांडर अपने-अपने क्षेत्र एम-पास जारी करेंगे। इनको तकनीकी सहायता जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी देंगे।


सदर अस्पताल में बगैर कोरोना की रिपोर्ट के अब नहीं होगी डिलीवरी
एक सप्ताह के बाद सदर अस्पताल शनिवार को खुला। खुलते ही इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की भीड़ लग गई। जबकि रिम्स में गायनी वार्ड बंद हो जाने के कारण यहां 15 गर्भवती महिलाएं इलाज को आईं। लेकिन कोरोना की टेस्ट रिपोर्ट डॉक्टरों के हाथ में ना आने से उनके भी हाथ बंधे थे। ऐसे में इरगु टोली से आई महिला दर्द से कराहने लगी। चिकित्सकों को देखा नहीं गया और उसे लेबर वार्ड में भर्ती कर ऑपरेशन से डिलीवरी कराई। उसका सैंपल जांच के लिए गया है। शुक्रवार की सुबह से लेकर शाम 5 बजे तक करीब 15 प्रेगनेंट महिलाएं आईं। इस दौरान चिकित्सकों ने 4 महिलाओं की डिलीवरी करवाई। इन चारों में दो महिलाओं का नॉर्मल और दो की ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी हुई। इनमे से एक महिला के पास कोरोना रिपोर्ट नहीं है, बाकी तीनों की रिपोर्ट निगेटिव है। अन्य को घर भेज दिया गया। चिकित्सकों ने कोरोना की जांच रिपोर्ट के साथ ही यहां आने को कहा। इस दौरान ओपीडी के अन्य मरीजों की जांच नहीं हो पाई और उन्हें घर भेज दिया गया।


लॉकडाउन तोड़ने पर अब तक 900 केस 4 हजार आरोपी बनाए
रांची से दुमका और पाकुड़ के लिए आठ बसों को पास देने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस डॉक्टर रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने सरकार से पूछा कि इस मामले में रांची डीसी पर क्या कार्रवाई हुई। रांची डीसी को जो शोकॉज किया गया था, उसका जवाब अभी तक क्यों नहीं आया। इसके लिए डेडलाइन दी गई थी या नहीं। इस पर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब न दिए जाने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी भी जताई।

इस पर महाधिवक्ता ने कहा कि अगली सुनवाई में सरकार की ओर से क्या कार्रवाई की गई है इसका जवाब दाखिल कर दिया जाएगा। महाधिवक्ता ने यह भी कहा कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया जा रहा है। राज्यभर में 4 हजार लोगों पर 900 प्राथमिकी दर्ज की गई है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में 15 बिंदुओं पर सरकार से जवाब मांगा था । इनमें कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए सरकार की क्या पॉलिसी है। उस पॉलिसी के तहत काम हो रहा है या नहीं।


हिंदपीढ़ी की महिला पर एफआईआर की मांग
रिम्स के गायनी विभागाध्यक्ष डॉक्टर अनुभा विद्यार्थी ने रिम्स निदेशक को पत्र लिखकर पूरा गायनी विभाग बंद करने और वहां कार्यरत सभी डॉक्टर, नर्स और कर्मचारियों को क्वारैंटाइन करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने हिंदपीढ़ी की जिस महिला का प्रसव कराया था, उस पर गलत पता बताने पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। डॉक्टर अनुभा ने कहा कि इस महिला ने अपना गलत पता दिया, जिसके कारण डॉक्टरों और नर्सों ने बिना पीपीई किट के ही प्रसव कराया। नर्सों ने कहा कि अब वे बिना पीपीई किट के काम नहीं करेंगी। संक्रमित महिला के संपर्क में आने वाले सभी कर्मचारी और नर्स भयभीत हैं। परिवार को संक्रमण न हो, इसके लिए वे घर नहीं जा रहे हैं। उन्हें आई वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।


मैट्रिक-इंटर की कॉपियां जांचने के लिए अब कोविड-19 के तय मानकों के अनुसार बनेंगे केंद्र
कोरोनावायरस से सुरक्षा को लेकर लॉकडाउन चल रहा है। इस कारण झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा मैट्रिक और इंटर कला, विज्ञान व वाणिज्य के परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य स्थगित था। अब उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का रास्ता साफ हो गया है। इस संबंध में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने जैक को मूल्यांकन के संबंध में सुझाव दिए हैं। इसमें कहा है कि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए पहले बनाए गए मूल्यांकन केंद्र कोविड-19 महामारी की रोकथाम के तय मानकों के अनुरूप नहीं हैं। लिहाजा नए सिरे से कोविड-19 के निर्देशों का अनुपालन करते हुए केंद्र का निर्धारण करने के लिए कहा गया है। मूल्यांकन कार्य में गति लाने के लिए दो शिफ्ट में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया जा सकता है।

इधर, जैक अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने कहा है कि दिए गए दिशा-निर्देश के आलोक में अगले दो दिनों के अंदर अलग-अलग जिलों से बात कर मूल्यांकन की रणनीति तैयार कर ली जाएगी। बताते चलें कि जैक द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तैयारी पूरी कर ली गई थी। लेकिन कोरोना से सुरक्षा को लेकर स्थगित करना पड़ा। मैट्रिक और इंटर में 6.5 लाख स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए थे।


जमशेदपुर....
जमशेदपुर डीसी बोले लॉकडाउन में पुरानी व्यवस्था लागू रहेगी

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से लॉकडाउन में रियायत दिए जाने के बाद की स्थिति पर प्रशासन की ओर से जल्द ही गाइडलाइन जारी की जाएगी। यह जानकारी डीसी रविशंकर शुक्ला ने दी। उन्होंने बताया कि जिले में किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। राज्य सरकार की ओर से जारी होने वाले निर्देश के आलोक में प्रशासन द्वारा गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी। डीसी ने कहा कि फिलहाल पुरानी व्यवस्था बरकरार रहेगी, उसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा।

चेकनाका से 300 मीटर दूरी पर जिला पार कर रहे लोग
लॉकडाउन सोनारी दोमुहानी के पास सरायकेला-खरसावां जिले के गांवों के सैकड़ों लोग नाव से नदी पारकर रोजाना जमशेदपुर आना-जाना कर रहे हैं। लेकिन, महज 300 मीटर दूरी पर दोमुहानी चेकनाका की पुलिस इस ओर झांकती तक नहीं। शनिवार को भी बड़ी संख्या में लोग नाव से शहर पहुंचे। 15 बाई 5 फुट की नाव में एक बार में 15 से 20 लोग सवार थे। नाव चलाने वाले सचिव और मझिला ने कहा- प्रशासन से उन्हें नाव की अनुमति मिली है।


घाटशिला बैरक के नौ कर्मी की रिपोर्ट निगेटिव
घाटशिला बैरक में शुक्रवार को मिले कोरोना पॉजिटिव कांस्टेबल के संपर्क में आए नौ कर्मचारियों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसकी पुष्टि सिविल सर्जन डॉक्टर महेश्वर प्रसाद ने की। हालांकि, बैरक के अन्य जवानों की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। रविवार को इनकी रिपोर्ट आने की उम्मीद है। हालांकि, बैरक के एक जवान की तबीयत ज्यादा खराब है और उसे टीएमएच में एडमिट किया गया है। मरीज की स्थिति अभी ठीक नहीं है। प्रारंभिक जांच में इस जवान की रिपोर्ट भी निगेटिव है, पर घाटशिला से एक पॉजिटिव केस मिलने के कारण लैब के डॉक्टर व कर्मचारी सावधानी के साथ टेस्ट कर रहे हैं। शनिवार तक पूर्वी सिंहभूम जिले के 917 संदिग्ध मरीजों का सैंपल लिया जा चुका है, जिसमें से 721 की रिपोर्ट आ चुका है और सभी निगेटिव पाए हैं।


दिल्ली से टाटानगर आए आरपीएफ दारोगा समेत आठ जवान क्वारैंटाइन
कोरोना वायरस को लेकर रेलवे पूरी तरह अलर्ट है। हाल के दिनों में दिल्ली से टाटानगर तबादला होकर पहुंचे आरपीएफ के सात जवानों को रेलवे ने क्वारैंटाइन कर दिया है। जबकि जम्मू से तबादला होकर आए आरपीएफ के दारोगा को भी क्वारैंटाइन किया गया है। उक्त सभी लोग डाक्टरों की देखरेख में हैं। इसकी पुष्टि चक्रधरपुर मंडल के आरपीएफ कमांडेंट ओमकार सिंह ने की है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में उन लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है। इसके बाद अगर जरूरत पड़ेगी तो उनका सैंपल भी लिया जाएगा।

इधर, मंडल यह पता लगाने में जुटा है कि घाटशिला बैरक में जो सीआरपीएफ का जवान पॉजिटिव पाया गया है, वह किसी और से संपर्क में था की नहीं। दिल्ली से टाटानगर पहुंचे जवानों के आने की जानकारी मिलने के बाद टाटानगर के आरपीएफ के जवान और अधिकारी पूर्व से ही उन लोगों से दूरी बनाकर रखे थे। लेकिन, अब उन लोगों के क्वारैंटाइन में जाने के बाद स्थिति सामान्य हो गई है।


रांची से पैदल खड़गपुर जा रहे 8 युवक पारडीह में धराए, मुसाबनी में किया क्वारैंटाइन
रांची के नामकुम से पैदल खड़गपुर और मेदनीपुर जा रहे आठ मजदूरों को पुलिस ने शनिवार की शाम पारडीह चेकपोस्ट पर पकड़ा। सभी की मेडिकल जांच के बाद मुसाबनी क्वारैंटाइन सेंटर भेज दिया गया। पारडीह चेकपोस्ट पर तैनात मजिस्ट्रेट नंदु कुमार और एएसआई सुबोध बड़ाइक ने बताया कि सभी युवक तड़के 4 बजे नामकुम से पैदल ही निकले थे। उन्हें खड़गपुर और मेदनीपुर जाना था। पूछताछ में मजदूरों ने बताया कि वे नामकुम में विभिन्न कंपनियों में काम करते थे। लॉकडाउन में काम बंद होने के कारण उनके समक्ष खाने-पीने की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसलिए पैदल ही अपने घर जाने का फैसला किया।


कोटा से जमशेदपुर पहुंचे 7 लोग, पुलिस ने किया होम क्वारैंटाइन
कोटा से दो वाहनों में सवार होकर शहर पहुंचे सात छात्रों को पुलिस ने आदित्यपुर के खरकई पुल के पास शनिवार की रात नौ बजे पकड़ा। उन्हें बिष्टुपुर थाना ले जाया गया। जहां पर डॉक्टरों की टीम ने जांच की, लेकिन उनमें कोरोना के लक्षण नहीं पाए गए। इसके बाद सभी छात्रों को होम क्वारैंटाइन कर दिया गया।


एमजीएम आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किए कुल 40 मरीज
जिला सर्विलांस विभाग द्वारा शहर के विभिन्न जगहों से 25 लोगों को लाकर आइसोलेशन वार्ड में शनिवार को रखा गया। इसके साथ ही सभी का नमूना लेकर जांच के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेजा गया। जहां से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उनको छोड़ा जाएगा। इस समय एमजीएम अस्पताल में 100 बेड का आइसोलेशन वार्ड खोला गया है, जिसमें प्रतिदिन 30-40 कोरोना संदिग्ध को रखा जा रहा है। इस समय अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में कुल 40 कोरोना संदिग्ध को रखा गया है। वहीं, डुमरिया से एक आरपीएफ जवान को जिला पुलिस व सर्विलांस टीम ने शनिवार को टीएमएच में भर्ती कराया है।

ओपीडी के रूम 12 में खुला कोरोना जांच केंद्र
एमजीएम अस्पताल में कोरोना की जांच कराने अब आम लोग भी पहुंच रहे हैं। अस्पताल में मेन ओपीडी के रूम 12 में कोरोना जांच केंद्र खोला है। प्रतिदिन डॉक्टरों द्वारा 40-50 मरीजों की जांच की जा रही है। जिसमें कोरोना के लक्षण मिल रहे हैं उनका नमूना अस्पताल परिसर में बने आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया जा रहा है।

रिटायर्ड और अस्थाई 92 रेल कर्मियों को हटाने का आदेश
कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए दक्षिण-पूर्व रेलवे जोनल मुख्यालय ने आदेश जारी किया है कि जोन में किसी भी विभाग में रेलवे से सेवानिवृत्त के बाद अस्थाई तौर पर काम करने वाले कर्मियों को 15 दिनों में हटाया जाए। जोनल मुख्यालय ने ऐसे कर्मचारियों की सूची सभी मंडल से मांगी थी। सभी मंडल ने सूची मुख्यालय को सौंप दी है। सूची के अनुसार कुल 92 ऐसे कर्मियों को चिह्नित किया गया है। मुख्यालय ने कहा कि पत्र या ई-मेल या वाट्सअप के माध्यम से उन लोगों को पत्र भेजकर सूचना दी जाए।

टाटा स्टील ने राज्य सरकार को दिए 10 हजार टेस्टिंग किट, 50 हजार मास्क और 5 वेंटिलेटर
कोरोना के खिलाफ जंग के लिए आटा स्टील और ट्रस्ट ने झारखंड सरकार को 10 हजार टेस्टिंग किट व आरटी पीसीआर उपलब्ध कराई है। इससे राज्य में संदिग्धों की सैंपल जांच में तेजी आएगी। यह जानकारी टाटा स्टील मेडिकल सर्विसेज के जीएम डॉ. राजन चौधरी ने शनिवार को टेली कॉन्फ्रेंसिंग में दी। बताया कि एमजीएम अस्पताल को आरटी पीसीआर के साथ पांच वेंटिलेटर भी उपलब्ध कराए गए हैं। कंपनी और चार वेंटिलेटर जल्द मुहैया कराएगी। वहीं, सरकार को 50 हजार मास्क और 25 हजार ग्लब्स भी दिए गए हैं।

टाटा स्टील के सीएसआर चीफ सौरभ राय ने कहा कि लॉकडाउन में कंपनी ने 2300 परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया। इसके लिए 23 लाख रुपए की मदद की गई। सहिया दीदी के माध्यम से वॉल पेंटिंग, किचन गार्डन और 200 परिवार कंपनी के लिए मास्क बना रहे हैं। अब तक 90 हजार मास्क बांटे जा चुके हैं। उधर, जीएम ने कहा कि टीएमएच में कोरोना की टेस्टिंग शुरू हो गई है। यहां लैंब में रोजाना 40-50 टेस्ट किए जा सकते हैं। शनिवार को 11 सैंपल की जांच हुई। टेस्ट की अधिकारिक जानकारी जिला प्रशासन को भेजी जाती है। आम लोगों को टेस्ट के लिए 4500 रुपए देने होंगे, जबकि राशन कार्ड वालों और कंपनी के कर्मचारियों का टेस्ट मुफ्त में होगा।


धनबाद...
शहर में कोरोना: कर्फ्यू ग्रस्त क्षेत्र में 305 लोगों के घरों में होम डिलीवरी कराई गई

कंटेनमेंट एरिया डीएस कॉलोनी और अजंतापाड़ा क्षेत्र में जिला प्रशासन की ओर से 305 लोगों के यहां होम डिलीवरी की गई। इनमें 53 घरों में खाद्य सामग्री,199 लोगों के यहां दूध, 42 लोगों को सब्जी तथा 3 घरों में एलपीजी गैस की होम डिलीवरी की गई। इसके अलावे 8 घरों में मेडिकल सुविधा दी गई। सीओ प्रशांत लायक ने बताया कि कंटेनेमेंट एरिया में लॉकडाउन व कर्फ्यू के उल्लंघन का एक भी मामला नहीं आया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि घर में रहें और सुरक्षित रहें। अगर किसी को आवश्यक समानों की जरूरत है तो प्रशासन द्वारा जारी हेल्प लाइन नंबर पर फोन करें। आपके यहां तुरंत होम डिलीवरी की जाएगी। इधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संदिग्धों की जांच जारी रखी। निगम ने कॉलोनी में सफाई कार्य जारी रखा।

बंद कराईं इलेक्ट्रॉनिक की दुकानें, डीसी ने कहा- चैंबर से मीटिंग के बाद लेंगे निर्णय
सभी तरह की दुकानें खुलेगी या नहीं खुलेगी... इसे लेकर शनिवार को शहर में संशय की स्थिति रही। दुकानदार यह जानने का प्रयास करते रहे कि वे दुकान खोलें या नहीं। ऊहापोह की इस स्थिति में शहर में कई दुकानें खुल भी गई, खास कर इलेक्ट्रोनिक की दुकानें। पर कुछ ही घंटों में पुलिस ने इन दुकानों को पुन: बंद करा दिया। इधर, प्रशासन दुकानों को खेले जाने को लेकर दिनभर माथापच्ची की। तय हुआ कि धनबाद नगर निगम और चिरकुंडा नगर परिषद में मार्केट कंप्लेक्स व मॉल छोड़कर अन्य दुकानों को खोलने के लिए जिला प्रशासन पहले एक्शन प्लान तैयार करेगा, इसके बाद ही इन क्षेत्रों की दुकानें खुलेंगी।

डीसी अमित कुमार ने बताया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के गाइडलाइन के आधार पर जबतक रणनीति नहीं बन जाती है, तबतक पूर्व की तरह सिर्फ दूध, फल, सब्जी, खाद्य सामग्रियों, मेडिकल सहित अन्य आवश्यक सेवाओं की ही दुकानें खुलेंगी। डीसी ने कहा कि एक्शन प्लान तैयार करने में दो-तीन दिन का समय लगेगा। जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित अन्य विक्रेता संगठनों के साथ एक-दो दिन में बैठक आयोजित की जाएगी। जिसमें दुकानों को खोलने तथा गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुपालन को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। इसके बाद ही इन क्षेत्रों में दुकानों को खोलने का निर्णय लिया जाएगा।

64 फैक्ट्रियों को खोलने की अनुमति
गृह मंत्रालय के निर्देश के के बाद उपायुक्त ने जिले में 64 कल-कारखानों को खोलने की अनुमति दी है। इनमें ज्यादातर हार्ड कोक इंडस्ट्रीज, सीमेंट प्लांट, इंसूलेटर, फ्लाय ब्रिक्स, पेवर ब्लॉक, मैन्युफ्रेक्चरिंग यूनिट सहित अन्य उद्योग शामिल हैं। एसीसीसी सीमेंट सिंदरी, श्री राम सेल्स टाटा स्टील, एमपीएल, सीनियर डीजीएम पावर ग्रिड मैथन पावर सबस्टेशन, श्री कृष्णा उद्योग, स्वास्तिक उद्योग राजगंज, ओजन लॉजिस्टिक पीवीटी अशोक नगर, अंबे सीमेंट गोविंदपुर, एकराम शॉफ्ट कोक सहित अन्य उद्योग शामिल हैं। 15-16 आवेदन पेंडिंग हैं, इस पर विचार किया जा रहा है।

कोरोना पॉजिटिव रेल कर्मी के संपर्क में आए 12 की रिपोर्ट निगेटिव
जिले का दूसरा कोरोना संक्रमित रेलवे कर्मचारी कहां और कैसे कोरोना से संक्रमित हुआ, स्वास्थ्य विभाग अभी तक इसका पता नहीं लगा पाया है। सिविल सर्जन डॉक्टर गोपाल दास भी इसे स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि इस मरीज में कोरोना का संक्रमण कैसे हुआ, इसका सोर्स का अबतक पता नहीं चल पाया है। दोनों कोरोना मरीज की रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद डॉक्टर उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रहे हैं। सिविल सर्जन डॉक्टर गोपाल दास ने बताया कि दोनों मरीजों को अभी 14 दिन अस्पताल में रखा जाएगा। 14 दिन पूरा करने के बाद फिर से कोरोना की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट निगेटिव मिला तो दोनों मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

कुमारधुबी के कोरोना संक्रमित मरीज के 5 परिजनों की दूसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आई
कुमारधुबी के कोरोना मरीज के संपर्क में आए परिवार के 5 लोगों की दूसरी जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आयी है। कुमारधुबी के कोरोना संक्रमित मरीज के परिवार के 5 सदस्यों को जांच के लिए पीएमसीएच लाया गया था। वहीं, डिलीवरी ब्वॉय की कोरोना जांच रिपोर्ट भी निगेटिव है। शुक्रवार को उसे मृत हालत में पीएमसीएच लाया गया था। उसे बुखार था।



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गुमला के जशपुर रोड के पास अल्बर्ट एक्का स्टेडियम के मेन गेट पर बाजार में एंट्री के वक्त सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। बाजार के अंदर भी प्रशासन ने उचित दूरी पर घेरा बनाकर लोगों के खड़े होने की व्यवस्था की है।


from Dainik Bhaskar /local/jharkhand/news/jharkhand-coronavirus-cases-outbreak-live-ranchi-jamshedpur-dhanbad-bokaro-hazaribagh-latest-today-news-updates-127247076.html
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कोरोना की वजह से विदेशों में फंसे भारतीयों की वतन वापसी के मिशन वंदे भारत का आज पांचवां दिन है। आज 6 अलग-अलग देशों से 7 फ्लाइट आएंगी। लंदन और सैन फ्रांसिस्को से आने वाली फ्लाइट दो-दो शहरों में लैंड होंगी। फ्लाइट्स के लैंड होने का समय और किस फ्लाइट में कितने लोग आएंगे, ये जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। आज ये 7 फ्लाइट आएंगी 1. लंदन से दिल्ली-बेंगलुरु 2. सैन फ्रांसिस्को से मुंबई-हैदराबाद 3. ढाका से मुंबई 4. दुबई से कोच्चि 5. अबू धाबी से हैदराबाद 6. कुआलालंपुर से चेन्नई 7. बहरीन से कोझिकोड अमेरिका से दूसरी फ्लाइट आएगी वंदे भारत मिशन 7 मई को शुरू हुआ था। इस मिशन के तहत अमेरिका से पहली फ्लाइट 225 भारतीयों को लेकर भी आज तड़के ही मुंबई पहुंची थी। अब दूसरी फ्लाइट आएगी। खाड़ी देशों से केरल लौटे 5 लोग कोरोना पॉजिटिव केरल की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने रविवार को ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए पजिटिव मामलों में तीन वे लोग हैं जो 7 मई को अबू धाबी से लौटे थे। वंदे भारत मिशन के तहत खाड़ी देशों से लौटे दो मरीज पहले ही पॉजिटिव आ चुके हैं। मिशन के पहले दिन जो दो विमान केरल आए थ...

नेतन्याहू आज पांचवीं बार पीएम बनेंगे; गठबंधन सरकार के दोनों नेता भारत समर्थक

कोरोनावायरस के संकट के बीच बेंजामिन नेतन्याहू एक बार फिर इजराइल केप्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों और तीन बार चुनावों में बहुमत न मिलने के बावजूद उन्होंने राजनीतिक गठजोड़ से पीएम पद पा लिया।इसके लिए उन्होंने अपने विपक्षी बेनी गांत्ज से हाथ मिलाया है। बीबीसी से बातचीत में इजराइल के राजनीतिक विश्लेषक योहानन प्लेसनेर ने इस डील को 'लोकतांत्रिक युद्धविराम' बताया था। नेतन्याहू और प्रधानमंत्री मोदी की पर्सनल कैमिस्ट्री काफी मजबूत मानी जाती है। बेनी गांत्ज भी कई बार भारत को मजबूत लोकतंत्र और उभरती हुई ताकत करार दे चुके हैं। नेतन्याहूलगातार चौथी बार प्रधानमंत्री दोनों नेता कह रहे हैं कि कोरोना काल में देश को स्थिर सरकार की जरूरत है, लिहाजा गठबंधन जरूरी है। एक साल में तीन आम चुनाव हो चुके हैं। दो गठबंधन थे।नेतन्याहू की लिकुड पार्टी और गांत्ज की ब्लू एंड व्हाइट पार्टी में से किसी को भीबहुमत नहीं मिल पाया। अब दोनों मिलकर सरकार बना रहे हैं। नेतन्याहू पांचवीं बार देश की बागडोर संभालेंगे। हालांकि, उनका यह लगातार चौथा कार्यकाल होगा। गठबंधन सरकार और शर्तें नेतन्याहू और ग...

दुनियाभर में अवसाद और घबराहट के मरीज बढ़ रहे, एक स्टडी के मुताबिक, 12% भारतीयों को भी कोरोना के डर से नींद नहीं आती

संतोष कौर (65) पंजाब के फगवाड़ा की रहने वाली थीं। 4 अप्रैल को उन्होंने सुसाइड कर लिया। पुलिस का कहना हैकि उनके दिमाग मेंकोरोना संक्रमित होने का डर बैठ गया था। संतोष कौर की बेटी बलजीत कौर ने भी बतायाकि न्यूज चैनल देख-देख कर उन्होंने दिमाग में बैठा लिया था कि मुझे भी कोरोना हो गया है। यह महज एक मामला है। पिछले 2-3 महीनों में ऐसे कई मामले भारत और बाकी कोरोना प्रभावित देशों से आते रहे हैं। सुसाइड के मामले इतने ज्यादा तो नहीं हैं, लेकिन तनाव, घबराहट के मामले इतने आ रहे हैं कि इन्हें गिना नहीं जा सकता। कहीं कोराना संक्रमित होने के डर से लोगों में घबराहट और अवसाद बढ़ रहा है। तो कहीं लॉकडाउन के कारण लोगों की मानसिक हालत बिगड़ रही है। जिन लोगों को होम क्वारैंटाइन या क्वारैंटाइन सेंटरों में रखा गया है, वहां तो हालात और ज्यादा खराब है। कोरोना के इस दौर में लोगों को नींद नहीं आ रही है, वे डरे हुए हैं, उदास हैं और कहीं-कहीं गुस्से में भी हैं। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट, अलग-अलग यूनिवर्सिटी की स्टडी और मेडिकल जर्नल में यह सामने आया है कि कोरोना और लॉकडाउन के चलते लोग अवसाद में जा रहे हैं। इससे निपटने ...

खेती की जमीन बचाना जरूरी, शहरों में 50 मंजिला इमारतें बनाएं; रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट भी वर्टिकल बनाने की सोचें

दुबई की गगनचुंबी इमारत 23 मरीना, साइबर सिटी गुड़गांव समेत दुनिया की कई मशहूर इमारतें डिजाइन करने वाले आर्किटेक्ट और पद्मभूषण से सम्मानितहाफिज कॉन्ट्रैक्टर का मानना है कि कोरोना संक्रमण काल के बाद अब वक्त आ गया है कि हम खाद्यान्न सुरक्षा के लिए जमीन बचाएं, वर्टिकल रेलवेस्टेशन और एयरपोर्ट बनाने की सोचें। इससे जमीन की बर्बादी नहीं होगी, लागत में कमी आएगी और पर्यावरण भी सुधरेगा। उनसे बातचीत के संपादित अंश... सवाल: कोरोना के बाद अब देश-दुनिया में क्या नए बदलाव देखने को मिलेंगे? - कोरोनावायरस स्थायी रूप से रहेगा, ऐसा नहीं है। कई बार हम भविष्य के बारे में अधिक सोच लेते हैं। कोरोना के दौरान और उसके खत्म होने के बादचार-पांच महीने के लिए परेशानी आ सकती है। जब तक वैक्सीन नहीं है, तब तक इसका डर रहेगा। सवाल: घरों के बाहर और अंदर किस तरह की तकनीक अब डिजाइन के साथ जरूरी होगी? - अभी शहरों में घर एक-दूसरे से चिपके हुए होते हैं। कुछ मंजिलों की बिल्डिंग होती है। नई-नई सोसायटी भी 12-13 मंजिल की होती है और शहर फैलते जातेहैं। अब तय करना होगा कि एक हद के बाद शहर का विस्तार नहीं होगा। हमें कानून में बदलाव...

पहली बार सिर्फ 15-16 लोगों की मौजूदगी में केदारनाथ के कपाट खुले; रावल क्वारैंटाइन में, नहीं थे मौजूद

केदारनाथ धाम के पट बुधवारसुबह 6 बजकर10 मिनट पर खुले। उत्तराखंड में मौजूद यह 1000 साल पुराना मंदिर हर साल सर्दियों के छह महीने बंद रहता है। इस बार कपाट खुलने के दौरान 15-16लोग ही मौजूद रहे। पिछले साल कपाट खुलने के दिन 3 हजार लोगों ने केदारनाथ के दर्शन किए थे।केदारनाथ मंदिर के रावल कपाट खुलने के दौरान मौजूद नहीं थे, वे क्ववारैंटाइन हैं। मंत्रोच्चार के साथ खोले गए बाबा केदार के कपाट। आज सबसे पहले मुख्य पुजारी ने भगवान केदारनाथ की डोली की पूजा की और भोग लगाया। उसके बाद मंत्रोच्चारण के बीच मंदिर के कपाट खोले गए। फिर डोली ने मंदिर में प्रवेश किया। इसके बाद पुजारियों ने मंदिर की सफाई की, भगवान की पूजा की और भोग लगाया। मंदिर और यात्रा से जुड़ी कई परंपराओं को इस बार बदलना पड़ा हर बार इस पूजा और भोग के बाद मंदिर को दर्शन के लिए खोला जाता है। लेकिन इस बार दर्शन के लिए यात्रियों के यहां आने पर मनाही है। कोरोना के चलते इस इलाके में भी प्रशासन ने भीड़ जमा होने पर पाबंदी लगा रखी है। यही वजह थी कि मंदिर और यात्रा से जुड़ी कई परंपराओं को इस बार बदलना पड़ा। केदारनाथ मंदिर के रावल कपाट खुलने के दौरान म...

देश में आज से 15 रूट पर 30 ट्रेनें चलेंगी, पहले दिन 54 हजार यात्रियों को रिजर्वेशन मिल सका

देश में 51 दिन बाद मंगलवार से पैसेंजर ट्रेन फिर दौड़ेंगी। लॉकडाउन की वजह से 22 मार्च से ट्रेनें बंद थीं। रेलवे अब दिल्ली से 15 रूटों पर ट्रेन चलाईं जाएंगी। अप और डाउन के लिहाज से इन ट्रेनों की संख्या 30 होगी। रेलवे ने सोमवार देर रात बताया कि इन ट्रेनों के लिए रात 9:15 बजे तक 30 हजार पीएनआर नंबर जनरेट हुए। इनके जरिए 54 हजार यात्रियों को रिजर्वेशन दिया गया। 15 रूट की ट्रेनों के लिए सोमवार शाम 6 बजे से बुकिंग शुरू हुई थी। दरअसल, पहले यह बुकिंग शाम 4 बजे से शुरू होनी थी, मगर लोड बढ़ने से आईआरसीटीसी की साइट ही क्रैश हो गई। इस वजह से 2 घंटे की देरी से बुकिंग शुरू हुई। इस रूट पर चलाई जाएंगी ट्रेन ये पैसेंजर ट्रेनें नई दिल्ली से डिब्रूगढ़, अगरतला, हावड़ा, पटना, बिलासपुर, रांची, भुवनेश्वर, सिकंदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, तिरुअनंतपुरम, मडगांव, मुंबई सेंट्रल, अहमदाबाद और जम्मू तवी के लिए चलाई जाएंगी। रेलवे 15 रूटों पर मंगलवार से ट्रेनें शुरू कर रहा रूट कब चलेगी कहां-कहां रुकेगी हावड़ा से नई दिल्ली 12 मई से रोज शाम 5:05 बजे असनसोल जंक्शन, धनबाद जंक्शन, गया जंक्शन, पंडित दीनदयाल उ...

86 नए पॉजिटिव केस मिले, कुवैत से शव नहीं आ पाया तो पुराने कपड़ों से शव बनाकर दाह संस्कार किया, ताकि राख तो नसीब हो

राजस्थान में गुरुवार को 86 नए पॉजिटिव केस सामने आए। जिसमें जोधपुर में 59, जयपुर में 14, अजमेर में 4, चित्तौड़गढ़ में 3, टोंक और कोटा में 2-2, धौलपुर और अलवर में 1-1 संक्रमित मिला। जिसके बाद कुल संक्रमितों का आंकड़ा 2524 पहुंच गया। इसके साथ जयपुर में एक मौत भी सामने आई। जयपुर में चांदी की टकसाल के पास रहने वाले 67 साल के बुजुर्ग की हुई। वहीं इससे पहले देररात भी मौत के 4 मामले सामने आए थे। जिसमेंतीन महिलाएं और एकपुरुष शामिल थे। कुवैत से शव नहीं आ पाया तो पुराने कपड़ों से शव बनाकर अंतिम यात्रा निकाली, दाह संस्कार भी किया, ताकि राख तो नसीब हो कोरोना के कहर के बीच एक झकझोर देने वाला मामला बुधवार को डूंगरपुर के सीमलवाड़ा कस्बे में सामने आया। 15 साल से कुवैत में व्यवसाय कर रहे होटल व्यापारी 56 वर्षीय दिलीप कलाल की कुवैत में माैत हाे गई। दो दिन रिपोर्ट के इंतजार के बाद बुधवार को उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इस पर उनका शव कुवैत में ही दफनाया गया। सीमलवाड़ा निवासी दिलीप पुत्र पद्मजी कलाल को तेज बुखार आने पर कुवैत के अमीरी अस्पताल में भर्ती कराया था। 15-20 दिन से उनका इलाज चल रहा था। इधर, मृत...

1967 के बाद से भारत-चीन सीमा पर एक भी गोली नहीं चली, 1986 के 27 साल बाद 2013 से फिर होने लगे विवाद

रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एसएल नरसिम्हन, चीन से जुड़े मामलों के डिफेंस एक्सपर्ट हैं, वह नेशनल सिक्योरिटी एडवायजरी बोर्ड के मेंबर और सेंटर फॉर कंटेमपररी चाइना स्टडीज के डायरेक्टर जनरल भी हैं। नई दिल्ली. 1962 में हुए भारत-चीन युद्ध से लेकर 2013 तक भारत-चीन सीमा पर सिर्फ दो ही बड़ी घटनाएं घटीं थी। एक 1967 में नाथुला में और एक 1986 में समदोरांग में। 27 साल बाद 2013 में भारत और चीन की सेना ने दौलत बेग ओल्डी सेक्टर और एक साल बाद चुमार में एक दूसरे को घूरकर देखा था। फिर 2017 में डोकलाम वाली घटना हुई। डोकलाम वाली घटना के दौरान ही पैंगॉन्ग लेक में दोनों सेनाओं के बीच हुई झड़प के दौरान स्थति पथराव तक की बनी थी। भारत-चीन सीमा के कई इलाकों को दोनों पक्षों ने विवादास्पद और संवेदनशील माना है। और यहीं झड़प होती रही है। 2007 से सिक्किम में कुछ मसले सामने आने लगे हैं। चीनी सेना ने नवंबर 2007 में जनरल एरिया डोकाला में अस्थाई बंकर तोड़ डाले थे। इसके बाद नॉर्थ सिक्किम का एक छोटा सा ‘फिंगर एरिया’ दोनों सेनाओं के लिए गले की हड्‌डी बन गया। डोकलाम मामले के बाद ही वुहान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष...

ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट बोले- लॉकडाउन खुलने के 2 महीने बाद तक नहीं जाएंगी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की नौकरी, डिमांड नहीं बढ़ी तो कुछ भी संभव

कोविड महामारी और देश में चल रहे लॉकडाउन के चलते देश के ऑटो सेक्टर केहालात चिंताजनक है। अप्रैल में देश के अंदर एक भी कार नहीं बिकी। ऑटो इंडस्ट्री के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। ऑटो इंडस्ट्री की मौजूदा हालत और भविष्य की स्थिति को समझने के लिए हमने फाडा (फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) प्रेसिडेंट आशीष हर्षराज काले से बातचीत की। उन्होंने कहा, ‘मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि ऑटोमोबाइल सिर्फ एक इंडस्ट्री नहीं है। बल्कि इससे स्टील, स्पेयरपार्ट्स, रबड़, बैटरी, कम्पोनेंट फैक्ट्री, गाड़ी बनाने वाली फैक्ट्री, डीलरशिप जैसी इंडस्ट्री जुड़ी हुई हैं। बैंक और फाइनेंस इंडस्ट्री भी इससे जुड़ी हैं। इसके साथ, लोकल मैकेनिक, ड्राइवर, हेल्पर को भी रोजगार मिलता है। ऐसे में इतने बड़े लॉकडाउन पीरियड के बाद देश की इकॉनोमी पर असर होगा, तो ओवरऑल इकॉनोमी में डिमांड रिवाइज करना बहुत जरूरी है। इसमें ऑटोमोबाइल अहम रोल प्ले कर सकता है। तो सरकार ऑटोमोबाइल डिमांड के लिए कुछ जरूरी कदम जरूर उठाए।’ सवाल: कोविड-19 महामारी के बीच फाडा कैसे देश के ऑटो सेक्टर की मदद कर रही है? जवाब: हमअपने डीलर्स और मेंब...