Skip to main content

पॉजिटिव युवती ने अस्पताल में दिया बच्चे को जन्म, दोनों स्वस्थ होकर घर लौटे

मध्यप्रदेश के दो प्रमुख शहरों से महत्वपूर्ण तस्वीरें सामने आई हैं। यह तस्वीरें कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे लोगों के लिए प्रेरणा हैं। पहली तस्वीर इंदौर की है। जहांकोरोना से पूरी तरह स्वस्थ हो चुके 16 मरीजों को रविवार को डिस्चार्ज किया गया। इनमें मनोरमागंज निवासी 24 वर्षीय फरहा भी थी। पॉजिटिव होते हुए भी फरहा ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। दोनों घर लौटे तो अस्पताल प्रबंधन ने ढोलक बजाकर उन्हें विदाई दी। नवजात को तोहफे भी दिए गए।

दो साल के वीर को कोराेना हुआ तो मां निगेटिव होने के बाद भी अस्पताल में रही
वहीं, भोपाल में पिता डॉ. सौरभ पुरोहित के बाद जब दो साल का वीर भी कोरोना संक्रमित हुआ तो डॉक्टर मां विभा ने अपने आंचल में ही उसका इलाज करने का फैसला किया। जोखिम की परवाह किए बिना बेटे के साथ अस्पताल गईं। पांच साल का बड़ा बेटा अरिंजय इन दोनों के बगैर कैसे रहता तो वह भी मां के साथ अस्पताल जा पहुंचा। वीर के साथ मां और भाई भी संक्रमित हो गए। लेकिन घबराए नहीं, मुकाबला किया और कोरोना को हराकर रविवार को तीनों घर पहुंचे।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
पहली तस्वीर भोपाल की है, वहीं दूसरी तस्वीर इंदौर की है।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3cU7L4f
via IFTTT

Comments

Popular posts from this blog

मुश्किल वक्त में मां ही सबसे मजबूत साबित होती है, कोरोना फैला और हिम्मत की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ी तो बच्चों की ताकत बनकर लड़ीं दुनियाभर की माएं

सबसे पहले बात चीन के वुहान में हुई एक स्टडी की। जामा पीडिएट्रिक्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वुहान में 33 बच्चे संक्रमित मां से पैदा हुए थे। जिनमें से तीन को छोड़कर सभी स्वस्थ्य थे। जो तीन संक्रमित थे उनमें से 2 बच्चे 6 दिन के होने से पहले ही ठीक भी हो गए थे। इस रिपोर्ट का जिक्र इसलिए क्योंकि वुहान वह जगह है जहां से कोरोना संक्रमण की शुरुआत हुई। और वहां की ये रिसर्च बताती है कि मां मुश्किल वक्त में मजबूत साबित होती है। और अपनी हिम्मत से बच्चों की सुरक्षा करती है। मेडिकल साइंस ये बात माने या न माने ये तस्वीरें यही कहानी कह रही हैं... तस्वीर वियतनाम के हनोई शहर की है। यहां एक मां ने अपने छोटे बच्चे को कोरोना से बचाने के लिए शील्ड पैक कर दिया है। यहां अब तक कोरोना के सिर्फ 288 मरीज मिले हैं। अच्छी बात ये है कि यहां कोरोना ने अब तक किसी की जान नहीं ली। तस्वीर इंडोनेशिया के जावा शहर की है, जिसे 1 अप्रैल को खींचा गया था। इस तस्वीर में जो दिख रही हैं, वो हैं 35 साल की युका, जो अपने 12 दिन के बेटे को गोद में खिला रही हैं। कोरोना की वजह से इंडोनेशिया के अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के सा...