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वर्ल्ड लीडर्स कह रहे हैं- अपनों को खोने के लिए तैयार रहें, हम खोज रहे हैं जीने के रास्ते

कोरोनाकाल चरम पर है। दुनिया के नेता बेकाबू हालात के रहते अपने लोगों को डरावनी चेतावनियां दे रहे हैं। निराशा की पराकाष्ठा ये हैकि दिग्गज नेताओं के द्वारा‘हमारे हाथ में अब कुछ नहीं’ जैसे बयान दिए जता रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर भारत न सिर्फ पूरे जज्बे के साथ काेरोना को पछाड़ रहा है, बल्कि कोरोना से लड़ रहा हर शख्स हिम्मत और हौसले से जीत के रास्ते तलाशने में लगा है। आप भी पढ़िए देश-विदेश के दिग्गजों के विचार।



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World leaders are saying - be ready to lose your loved ones, we are searching for ways to live


from Dainik Bhaskar /national/news/world-leaders-are-saying-be-ready-to-lose-your-loved-ones-we-are-searching-for-ways-to-live-127242308.html
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सबसे पहले बात चीन के वुहान में हुई एक स्टडी की। जामा पीडिएट्रिक्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वुहान में 33 बच्चे संक्रमित मां से पैदा हुए थे। जिनमें से तीन को छोड़कर सभी स्वस्थ्य थे। जो तीन संक्रमित थे उनमें से 2 बच्चे 6 दिन के होने से पहले ही ठीक भी हो गए थे। इस रिपोर्ट का जिक्र इसलिए क्योंकि वुहान वह जगह है जहां से कोरोना संक्रमण की शुरुआत हुई। और वहां की ये रिसर्च बताती है कि मां मुश्किल वक्त में मजबूत साबित होती है। और अपनी हिम्मत से बच्चों की सुरक्षा करती है। मेडिकल साइंस ये बात माने या न माने ये तस्वीरें यही कहानी कह रही हैं... तस्वीर वियतनाम के हनोई शहर की है। यहां एक मां ने अपने छोटे बच्चे को कोरोना से बचाने के लिए शील्ड पैक कर दिया है। यहां अब तक कोरोना के सिर्फ 288 मरीज मिले हैं। अच्छी बात ये है कि यहां कोरोना ने अब तक किसी की जान नहीं ली। तस्वीर इंडोनेशिया के जावा शहर की है, जिसे 1 अप्रैल को खींचा गया था। इस तस्वीर में जो दिख रही हैं, वो हैं 35 साल की युका, जो अपने 12 दिन के बेटे को गोद में खिला रही हैं। कोरोना की वजह से इंडोनेशिया के अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के सा...