Skip to main content

अब तक 34 हजार 862 केस: महाराष्ट्र में मरीजों की संख्या 10 हजार के पार, दिल्ली में 6 और सीआरपीएफ जवान संक्रमित मिले

देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 34हजार 862 हो गई है।9 हजार से ज्यादा मरीज हो ठीक भी हुए हैं।गुरुवार को महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 583, गुजरात में 313,राजस्थान में 144,पंजाब में 105,मध्यप्रदेश में 65समेत 1799रिपोर्ट पॉजिटिव आईं। दिल्ली में सीआरपीएफ के 6 नए जवानों में संक्रमण मिला।महराष्ट्र में संक्रमितों की संख्या 10 हजार के पार हो गई है। ये आंकड़े covid19india.org और राज्य सरकारों से मिली जानकारी के अनुसार हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में 33 हजार 610 संक्रमित हैं। इनमें से 24हजार 162का इलाज चल रहा है, 8373ठीक हुए हैं और 1075की मौत हुई।

​​​​​​​पीएम मोदीने मंत्रियों के साथ बैठक की
कोरोना संकट में घिरी अर्थव्यवस्था को संभालने की रणनीति पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक बुलाई। इसमें गृहमंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर मौजूद थे। मोदी ने महामारी और लॉकडाउन केबीचकोल और खनन सेक्टर में सुधारों के साथ अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के उपाय सुझाने को कहा। इस दौरान विदेशी निवेश आकर्षित करने और स्थानीय निवेश को बढ़ाने के उपाय खोजने पर जोर दिया गया।

5 दिन जब संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले आए

दिन मामले
28 अप्रैल 1902
25 अप्रैल 1835
29 अप्रैल 1702
23 अप्रैल 1667
26 अप्रैल 1607

26 राज्य,6 केंद्र शासित प्रदेशों में फैला संक्रमण
कोरोनावायरस का संक्रमणदेश के 26 राज्यों में फैला है।6 केंद्र शासित प्रदेश भीइसकी चपेट में हैं।इनमें दिल्ली, चंडीगढ़, अंडमान-निकोबार, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पुडुचेरी शामिल हैं।

राज्य कितने संक्रमित कितने ठीक हुए कितनी मौत
महाराष्ट्र 10,498 1773 459

गुजरात

4395 613 214
दिल्ली 3515 1094 59

राजस्थान

2582 893 58
मध्यप्रदेश 2625 482 137
तमिलनाडु 2323 1258 27
उत्तरप्रदेश 2211 551 40
आंध्रप्रदेश 1403 321 31
तेलंगाना 1038 442 28
पश्चिम बंगाल 758 124 33
जम्मू-कश्मीर 614 216 8
कर्नाटक 565 229 22
केरल 498 383 4

पंजाब

480

104

20
हरियाणा 339 235 4
बिहार 425 84 2
ओडिशा 142 39 1

झारखंड

110 19 3
उत्तराखंड 57 36 0
हिमाचल प्रदेश 40 28 2
असम 42 29 1
छत्तीसगढ़ 40 36 0
चंडीगढ़ 74 18 0

अंडमान-निकोबार

33 16 0
लद्दाख 22 17 0
मेघालय 12 0 1

पुडुचेरी

8 5 1
गोवा 7 7 0
मणिपुर 2 2 0
त्रिपुरा 2 2 0
अरुणाचल प्रदेश 1 1 0
मिजोरम 1 1 0

ये आंकड़े covid19india.org और राज्य सरकारों से मिली जानकारी के अनुसार हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में 33 हजार 610संक्रमित हैं। इनमें से 24हजार 162का इलाज चल रहा है, 8373ठीक हुए हैं और 1075 की मौत हुई है।

5 राज्य और 1 केंद्र शासित प्रदेश का हाल

  • मध्यप्रदेश, संक्रमित- 2625: यहां गुरुवार को संक्रमण के 65 नए मामले सामने आए। यहां अब तक 137 मरीजों की मौत हो चुकी है। भोपाल एम्स मेंरोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवा माइक्रोबैक्टीरियम-डब्ल्यू (एमडब्ल्यू) का कोरोना के गंभीर रोगियोंपर ट्रायल शुरू हो गया है। राज्य में बुधवार को संक्रमण के175 मामले आए थे।
  • उत्तरप्रदेश, संक्रमित- 2211: प्रदेश में गुरुवार को 77 नए कोरोना पॉजिटिव मिले। राज्य में कुल संक्रमितों में 1053 जमाती और उनके संपर्क में आए लोग हैं। 551 लोग ठीक हो चुके हैं। 40 की मौत हुई है। संक्रमण राज्य के 75 में से 60 जिलों में फैल चुका है।
  • महाराष्ट्र, संक्रमित- 10498: यहां गुरुवार को 583 नए मरीज मिले। इनमें से 25 केस मुंबई के हॉट स्पॉट धारावी में सामने आए। यहां अब संक्रमितों की संख्या 369 हो गई है। महाराष्ट्र सरकार ने दूसरे राज्यों में फंसे अपने मजदूरों को वापस लाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए 10 हजार बसें भेजी जाएंगी।
  • राजस्थान, संक्रमित- 2582:राज्य मेंगुरुवार को संक्रमण के 144 मामले आए। इनमें से जोधपुर में 59, जयपुर में 14, अजमेर में 4, चित्तौड़गढ़ में 3, कोटा और टोंक में 2-2, जबकि अलवर और धौलपुर में 1-1 मरीज मिला। प्रदेश में अब तक कोरोना से 58 लोगों की जान गई है।
  • दिल्ली, संक्रमित- 3515: यहां गुरुवार को सीआरपीएफ के 6 और जवान संक्रमित मिले। इनमें से एक जवान अर्धसैनिक बल की नेशनल कबड्डी टीम का खिलाड़ी है। इसी बटालियन में पहले कोरोना के 47 केस सामने आ चुके हैं। पिछले दिनों एक सब इंस्पेक्टर की मौत भी हो गई थी। आजादपुर सब्जी मंडी के 4 और व्यापारियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
  • बिहार, संक्रमित- 422:प्रदेश में गुरुवार को 22 नए मामले सामने आए।बुधवार को 37 पॉजिटिव मिले। इनमें से बक्सर में 14, पश्चिमी चंपारण में 5, दरभंगा में 4, पटना और रोहतास में 3-3, भोजपुर और बेगूसराय में 2-2, जबकि औरंगाबाद, वैशाली, सीतामढ़ी और मधेपुरा में 1-1 मरीज थे।


आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Coronavirus | Mumbai Delhi Coronavirus News | Coronavirus Outbreak India Cases LIVE Updates; Maharashtra Pune Madhya Pradesh Indore Rajasthan Uttar Pradesh Haryana Bihar Punjab Novel Corona (COVID-19) Death Toll India Today


from Dainik Bhaskar /national/news/coronavirus-outbreak-india-live-today-news-updates-delhi-kerala-maharashtra-rajasthan-haryana-cases-novel-corona-covid-19-death-toll-127262830.html
via IFTTT

Comments

Popular posts from this blog

एक दिन में सबसे ज्यादा 57 संक्रमित मरीजों ने दम तोड़ा; महाराष्ट्र में मरने वालों की संख्या 301 हुई

कोरोना संक्रमण के चलते शुक्रवार को देश में 57मौतें दर्ज की गईं। अब तक एक दिन में मौतों का यहआंकड़ा सबसे ज्यादा है। इससे पहले 21 अप्रैल को सबसे ज्यादा 53 मरीजों की मौत हुई थी। देश में मरने वालों की संख्या 785हो गई है।महाराष्ट्र में मौत का आंकड़ा 301 पर पहुंच गया है। वहीं, गुजरात में यह संख्या 127 है। संक्रमण से कहां कितनी मौतें ? प्रदेश मौतें महाराष्ट्र 301 गुजरात 127 मध्य प्रदेश 92 दिल्ली 53 राजस्थान 32 आंध्र प्रदेश 29 तेलंगाना 25 उत्तरप्रदेश 25 तमिलनाडु 22 कर्नाटक 18 पंजाब 17 पश्चिम बंगाल 18 जम्मू कश्मीर 05 हरियाणा 05 केरल 03 झारखंड 03 चंडीगढ़ 02 बिहार 02 हिमाचल 02 असम 01 मेघालय 01 ओडिशा 01 पुडुचेरी 01 कुल 785 24अप्रैल को सबसे ज्यादा 57मौतें तारीख मौतें 18 अप्रैल 37 19 अप्रैल 40 20 अप्रैल 33 21 अप्रैल 53 22 अप्रैल 37 23 अप्रैल 44 24 अप्रैल 57 टॉप-4 शहर जहां सबसे ज्यादा मौतें हुईं शहर मौतें मुंबई 178 अहमदाबाद 83 पुणे 67 इंदौर...

लॉकडाउन में घर को निकले मजदूरों की कहानी, कोई 25 दिन में 2800 किमी सफर कर घर पहुंचा, तो किसी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया

देश में कोरोना के चलते अचानक लगाया लॉकडाउन प्रवासी मजदूरों पर सबसे ज्यादा भारी पड़ा है। उन्हें जब ये पता चला की जिन फैक्ट्रियों और काम धंधे से उनकी रोजी-रोटी का जुगाड़ होता था, वह न जाने कितने दिनों के लिए बंद हो गया है, तो वे घर लौटने को छटपटाने लगे। ट्रेन-बस सब बंद थीं। घर का राशन भी इक्का-दुक्का दिन का बाकी था। जिन ठिकानों में रहते थे उसका किराया भरना नामुमकिन लगा। हाथ में न के बराबर पैसा था। और जिम्मेदारी के नाम पर बीवी बच्चों वाला भरापूरा परिवार था। तो फैसला किया पैदल ही निकल चलते हैं। चलते-चलते पहुंच ही जाएंगे। यहां रहे तो भूखे मरेंगे। कुछ पैदल, कुछ साइकिल पर तो कुछ तीन पहियों वाले उस साइकिल रिक्शे पर जो उनकी कमाई का साधन था। लेकिन जो फासला तय करना था वह कोई 20-50 किमी नहीं बल्कि 100-200 और 3000 किमी लंबा था। 1886 की बात है। तारीख 1 मई थी। अमेरिका के शिकागो के हेमोर्केट मार्केट में मजदूर आंदोलन कर रहे थे। आंदोलन दबाने को पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें कुछ मजदूर मारे भी गए। प्रदर्शन बढ़ता गया रुका नहीं। और तभी से 1 मई को मारे गए मजदूरों की याद में मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाने ल...

शाम के सात बजते ही मस्जिद की मीनारों से अजान तो हमेशा की तरह हुई लेकिन सजदे में झुकने वाले सर नदारद रहे

शाम के सात बजने को हैं। रमजान का महीना है और दिल्ली के जामा मस्जिद में मगरिब की अजान होने में बस कुछ ही मिनट बाकी हैं। आम तौर पर रमजान के दिनों में जामा मस्जिद के इस इलाके में पैर रखने की भी जगह नहीं होती। करीब 15 से 20 हजार लोग हर शाम यहां रोजा खोलने और नमाज के लिए पहुंचते हैं। लेकिन इन दिनों कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन में यह पूरा इलाका सन्नाटे में डूबा हुआ है। जामा मस्जिद के गेट नंबर 1 के बाहर दिल्ली पुलिस के कुछ जवान तैनात हैं। उनके साथ ही अर्धसैनिक बलों की एक टुकड़ी भी यहां मौजूद है। इन लोगों के अलावा सड़क पर दूर-दूर तक कोई इंसान नजर नहीं आ रहा। मुख्य सड़क पर एक-एक दुकान बंद है और एक-एक गली खाली। दिल्ली पुलिस की एक गाड़ी अभी-अभी लगभग 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 1 नंबर गेट से तीन नंबर गेट की तरफ गई है। दशकों में शायद पहली बार ऐसा हुआ है जब इस इलाके में कोई गाड़ी इस रफ्तार से चली है। पुरानी दिल्ली का यह इलाका जिसने भी देखा है, वह समझ सकता है कि यहां किसी गाड़ी का ऐसे गुजरना कितनी गैर-मामूली घटना है। जिसने यह इलाका नहीं देखा वह इस तथ्य से अंदाजा लगा सकता है कि ये देश ही ...

कैंसर से लड़ते हुए कहा था- मरा नहीं हूं, काम से जिंदा रहने दो

शांत चेहरे और आंखों से अदाकारी से ‘मकबूल’ 53 साल के इरफान खान नहीं रहे। उन्हें न्यूरो इंडोक्राइन ट्यूमर (कैंसर) था। आंतों में संक्रमण होने पर उन्हें मंगलवार काे अस्पताल लाया गया, जहां बुधवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। 4 दिन पहले उनकी मां सईदा बेगम का भी निधन हो गया था। इस मौके पर उनकी आखिरी फिल्म अंग्रेजी मीडियम के निर्देशक होमी अदजानिया ने इरफान के बारे में कुछ लिखा। आप भी पढ़िए। होमी ने बताया कि जिंदगी के आखिरी पलों में भी अपने काम से जिंदा रहने की ख्वाहिश इरफान में ही थी। वे जीवन के सर्कस काे बाहर खड़े हाेकर देखते थे। मैंने उनसे पूछा कि जब वह इलाज करवा रहे हैं ताे शूटिंग क्याें जारी रखना चाहते हैं? उन्हाेंने कहा- ‘मैं मरा नहीं हूं ना...ताे मुझे जिस काम से प्यार है, वह करके जिंदा रहने दाे।’ हमारा फिल्म क्रू मजबूती के लिए उनकी ओर ही देखता था। इरफान ने कभी अपनी समस्या काे दूसराें की समस्या नहीं बनाया। फिल्म तो बन रही थी, लेकिन हममें से किसी काे पक्का पता नहीं था कि आगे क्या हाेने वाला है। जब इरफान ने अनजान लोगों से भी खूब बातें कीं होमी ने कहा कि हम लंदन में रेस्तरां में थे कि र...

जो दिन ही खास है तो लाजमी है मां की खूबियों की एक बार फिर गिनती कर ली जाए: भारतीय मांओं की खूबियां बतातीं 5 रिसर्च रिपोर्ट

आज मदर्स डे है। मई का दूसरा रविवार जो इस खास दिन को मनाने के लिए दर्ज हो चुका है। वह दिन जब मांओं की दुनिया तोहफे, फूल और खिदमतों से गुलजार हो जाती है। इसका ये मतलब हरगिज नहीं कि बाकी दिनों में इनमें से कुछ मां के हिस्से नहीं आता। या फिर ये भी नहीं कि यदि मदर्स डे पर ऐसा नहीं होता तो वह मां कुछ कम खास है। पर जो दिन ही खास है तो लाजमी है मां की खूबियों की एक बार फिर गिनती कर ली जाए। आंकड़ों में उन्हें समेटना तो असंभव है लेकिन हौले से इसमें उन्हें खोजा और गुना जाए। गिनती जो बताती है कि भारतीय मांएं क्यों खास हैं... वो मां है, बच्चों को अकेले भी संभाल सकती है 2019 में यूनाइटेड नेशन की एक रिपोर्ट आई थी। रिपोर्ट का टाइटल था ‘द प्रोग्रेस ऑफ वुमन 2019-20'। इस रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में 10.1 करोड़ सिंगल मदर हैं। जबकि, 4.5 करोड़ सिंगल मदर भारत में हैं। इनमें से भी 1.3 करोड़ ऐसी सिंगल मदर हैं, जो अपने बच्चों के साथ अकेली ही रहती हैं। बाकी 3.2 करोड़ बच्चों के साथ ससुराल में या रिश्तेदारों के साथ रहती हैं। वो मां है, बच्चों के लिए अपना करियर भी दांव पर लगा सकती है 2018 में अशोका य...

अमेरिका में कोरोना के कारण 1.7 करोड़ लोगों के सामने भोजन संकट; 60 हजार एजेंसियां, दो लाख वॉलंटियर्स खाना पहुंचा रहे

अमेरिका कोरोना से दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। यहां 13 लाख से ज्यादा मामले आ चुके हैं। 80 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। यहां कोरोना की वजह से दो महीने में करीब 1.7 करोड़ लोगों के सामने खाने का संकट आ गया है। दो महीने में यह संख्या करीब 46% बढ़ी है। जबकि अमेरिका में कोरोना और अन्य कारणों से भूखे रहने वाले लोग साढ़े पांच करोड़ हो चुके हैं। ऐसे में फूड सिक्योरिटी और भुखमरी पर काम करने वाला राष्ट्रीय संगठन फीड अमेरिका लोगों तक खाना पहुंचा रहा है। फीड अमेरिका की सीईओ कैटी फिजगेराल्ड ने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखकर लगता है कि हालात हमारे नियंत्रण से बाहर हो गए हैं। ऐसी स्थिति में कोई भी खाद्य सुरक्षा के संकट में पड़ सकता है। स्थिति भयानक हो सकती है। अमेरिका में 3.7 करोड़ लोग खाने के संकट से जूझ रहे थे ऐसे लोगों की तादाद भी बढ़ रही है, जिनके सामने खाने-पीने का संकट पैदा हो गया है। कोरोना से पहले अमेरिका में 3.7 करोड़ लोग इस संकट से जूझ रहे थे। कोरोना, बेरोजगारी की वजह से महज दो महीने में इसमें 1.7 करोड़ लोग और जुड़ गए। यानी अभी करीब साढ़े पांच करोड़ लोग संकट में ह...

अमेरिका: डॉक्टर भी रो देते हैं, जब मरीज आखिरी बार परिवार से वीडियो कॉलिंग पर बात करता है

अमेरिका के अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं। कई लोग स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं, लेकिन दिल तब रोता है, जब सामने किसी युवा मरीज की जान जाते देखते हैं। अस्पताल के पीछे शवों को ले जाने के लिए बड़े-बड़े ट्रॉले खड़े हैं। लगता है, मरीज को उस ओर न जाने दें, किसी तरह ठीक कर अस्पताल के आगे के रास्ते से घर भेजें। मौत के चंद मिनट पहले मरीज की परिजन से वीडियो कॉल लगाकर बात कराते हैं। एक केस भूल नहीं पाते कि दूसरा सामने आ जाता है। पिछले हफ्ते 31 साल के एक युवक की मौत से पहले उसकी पत्नी और डेढ़ साल के बच्चे से वीडियो कॉल पर बात कराई थी। वह दृश्य चाहकर भी नहीं भूल पाता हूं। यहां कई मरीज किताब पढ़ते हैं। टैब पर गेम्स खेलते हैं। कुछ लोग सुडोकू भी खेलते हैं। यहां ज्यादा संक्रमण की वजह लॉकडाउन में देरी है मार्च के पहले हफ्ते में अमेरिका ने कोरोना संक्रमण को कम्युनिटी ट्रांसमिशन मान लिया था। वैसे यहां ज्यादा संक्रमण की वजह लॉकडाउन में देरी है। कम उम्र के लोगों की मौत का बड़ा कारण मोटापा है। इधर वैज्ञानिकों ने ऐसी टेक्नोलॉजी विकसित कर ली है, जिसमें मुंह से लार लेकर आरटी-पीसीआर जांच की जा सकेगी। अब संदिग्ध ...

दुनियाभर में अवसाद और घबराहट के मरीज बढ़ रहे, एक स्टडी के मुताबिक, 12% भारतीयों को भी कोरोना के डर से नींद नहीं आती

संतोष कौर (65) पंजाब के फगवाड़ा की रहने वाली थीं। 4 अप्रैल को उन्होंने सुसाइड कर लिया। पुलिस का कहना हैकि उनके दिमाग मेंकोरोना संक्रमित होने का डर बैठ गया था। संतोष कौर की बेटी बलजीत कौर ने भी बतायाकि न्यूज चैनल देख-देख कर उन्होंने दिमाग में बैठा लिया था कि मुझे भी कोरोना हो गया है। यह महज एक मामला है। पिछले 2-3 महीनों में ऐसे कई मामले भारत और बाकी कोरोना प्रभावित देशों से आते रहे हैं। सुसाइड के मामले इतने ज्यादा तो नहीं हैं, लेकिन तनाव, घबराहट के मामले इतने आ रहे हैं कि इन्हें गिना नहीं जा सकता। कहीं कोराना संक्रमित होने के डर से लोगों में घबराहट और अवसाद बढ़ रहा है। तो कहीं लॉकडाउन के कारण लोगों की मानसिक हालत बिगड़ रही है। जिन लोगों को होम क्वारैंटाइन या क्वारैंटाइन सेंटरों में रखा गया है, वहां तो हालात और ज्यादा खराब है। कोरोना के इस दौर में लोगों को नींद नहीं आ रही है, वे डरे हुए हैं, उदास हैं और कहीं-कहीं गुस्से में भी हैं। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट, अलग-अलग यूनिवर्सिटी की स्टडी और मेडिकल जर्नल में यह सामने आया है कि कोरोना और लॉकडाउन के चलते लोग अवसाद में जा रहे हैं। इससे निपटने ...

31 हजार 360 केस: एक दिन में रिकॉर्ड 1902 संक्रमित मिले; नगालैंड ने पेट्रोल-डीजल पर कोविड-19 सेस लगाया; ऐसा देश में पहली बार

देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 31 हजार 360हो गई है। मंगलवार को 1903 रिपोर्ट पॉजिटिव आईं। यह एक दिन में मिले मरीजों की सबसे अधिक संख्या है। इनमेंमहाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 728 मरीज मिले। इसके बादगुजरात में 226, मध्यप्रदेश में 222, दिल्ली में 206औरराजस्थान में 102 मरीज बढ़े। ये आंकड़े covid19india.org और राज्य सरकारों से मिली जानकारी के अनुसार हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में 29 हजार 435 संक्रमित हैं। इनमें से 21 हजार 632 का इलाज चल रहा है, 6868 ठीक हुए हैं और 934 की मौत हुई है।इस बीच, नगालैंड सरकार ने पेट्रोल पर 6 रुपए और डीजल पर 5 रुपए कोविड-19 सेस लगाया। ऐसा करने वालायह देश का पहला राज्य है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में कोरोना मरीजों की रिकवरी रेट 23.83%हो गई है। 17 ऐसे जिले हैं जहां पहले केस आए थे, लेकिन पिछले 28 दिनों में यहां कोई मामले सामने नहीं आए। मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि आईसीएमआर का कहना है कि कोरोना के लिए कोई थैरेपी नहीं है। ऐसे में प्लाज्मा थैरेपी को इसके लिए इलाज नहीं कहा जा सकता है। आईसीएमआर ने सिर्फ अध्ययन करने के...

भोपाल में तोपों से होता था चांद का ऐलान, रातभर खुली रहती थी चाट गली, इस बार टूट गईं कई परंपराएं

रमजान के मौके पर भोपाल की गलियों को भले ही इस बार लॉकडाउन ने सूना कर दिया हो, लेकिन लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। लोग मस्जिदों में नहीं जा पा रहे लेकिन घरों में इबादत में लगे हैं। नवाबों के दौर से ही भोपाल में रमजान की एक अलग रवायत रही है। चाहे खाना-पीना हो या तोपों से चांद का ऐलान करने की परंपरा रही हो। चाहे चाट गली के स्वादिष्ट व्यंजन हों या चौक बाजार की रौनक। भोपाल की अपनी एक अलग पहचान है। जो बाजार रातभर गुलजार होते थे, वो सूने पड़े हैं रमजान पर लखेरापुरा, इब्राहिमपुरा, चौक बाजार, लोहा बाजार, आजाद मार्केट देर रात तक गुलजार हुआ करते थे। खाने-पीने के साथ ही कपड़ा, ज्वेलरी, जूते-चप्पल, सजावट का सामान, इलेक्ट्रॉनिक आयटम के साथ ही वाहनों की भी जमकर खरीदी हुआ करती थी, लेकिन अभी सब ठंडा है। किराना व्यापारी महासंघ, भोपाल के महासचिव अनुपम अग्रवाल कहते हैं कि, 20 से 25 करोड़ की ग्राहकी तो प्रभावित हुई है, लेकिन यह नुकसान नहीं है क्योंकि ग्राहक का पैसा ग्राहक के पास है और व्यापारी का माल व्यापारी के पास है। 3 मई के बाद छूट मिलती है तो अच्छी ग्राहकी हो सकती है। किराना का तो पूरा सामा...