Skip to main content

FOX NEWS: Amazon to end unlimited unpaid time off policy for warehouse workers


Amazon to end unlimited unpaid time off policy for warehouse workers



Amazon is rolling back its "unlimited time off" policy starting Friday, and employees who don't return to work due to the fear of contracting coronavirus will have to apply for a leave of absence. 

via FOX NEWS https://ift.tt/3bYDNvS

Comments

Popular posts from this blog

किसान दादा का दर्द देख 9 साल के बच्चे ने बनाया टिकटॉक वीडियो, मासूमियत भरी आवाज में वह बोला- देखो, गेंदा कैसे फेंकना पड़ रहा है

कुणाल की उम्र नौ साल है और वो मेरठ जिले के लावड कस्बे में रहते हैं। उनके दादा छेद्दा सिंह एक किसान हैं और बीते कई साल से गेंदे के फूल की खेती कर रहे हैं। इस साल जब लॉकडाउन के चलते छेद्दा सिंह की फूलों की सारी फसल बर्बाद होने लगी तो कुणाल ने अपने दादा की मदद के लिए एक बेहद मासूम प्रयास किया। कुणाल ने एक बर्बाद होते फूलों का एक वीडियो बनाया और टिकटॉक पर इसे साझा करते हुए कहा, ‘देखिए भाइयों देखिए। किसानों को खेत से बाहर कैसे फेंकना पड़ रहा है गेंदा। किसानों का कोरोना वायरस की वजह से बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। इसीलिए इस वीडियो को लाइक और शेयर करके आगे बढ़ाएं।’ भरपूर मासूमियत और बेहद उत्साह के साथ कुणाल बताते हैं कि उनका ये वीडियो अब तक 125 लोगों ने देख लिया है। यह पूछने पर कि उन्होंने यह वीडियो क्यों बनाया, वे पूरे आत्मविश्वास के साथ कहते हैं, ‘ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जान सकें कि कोरोनावायरस के कारण किसानों को कितना नुकसान हो रहा है।’ जिस नुकसान का जिक्र कुणाल कर रहे हैं उसकी मार इन दिनों मेरठ की सरधना तहसील के सैकड़ों किसान झेल रहे हैं। यहां लावड कस्बे में सब्जियों और फूलों की अच्छी...

The mystery of the 'blue monkeys' in ancient Grecian frescoes, solved

via World news – breaking news, videos and headlines - CNN https://ift.tt/3ejZ05j

पहली बार ऐसा होगा जब घर पर ही पढ़ी जाएंगी नमाज, चांद दिखने पर 24 या 25 मई को मनेगी ईद

कल यानी शुक्रवार, 24 अप्रैल को चांद दिखने के बाद आज से रमजान महीने की शुरुआत हो गई है। 23 अप्रैल को साउदी अरब में चांद दिखने पर वहां रमजान महीना शुरू हो गया है। कोरोना संक्रमण के कारण जारी लॉकडाउन में मुस्लिमपहली बार तरावीह की नमाज घरमें ही अदा करेंगे। तरावीह रमजान में पढ़ी जाने वाली खास नमाज को कहते हैं।सऊदी अरब सरकार ने मक्का-मदीना बंद कर रखा है। इस कारण वहांउमराह के लिए भी लोग नहीं जा सकेंगे। जून-जुलाई में हज के निरस्त होने की भीआशंका है। 25 अप्रैल यानी आज से एक महीने तक रोजे रखकरपांचवक्त की नमाज व तरावीह घर पर ही पढ़ी जाएंगी। लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के कारण मसजिदों में नमाज पढ़ने पर रोक लगी है। इस महीने रोजेदार करीब 15 घंटे भूखे-प्यासे रहकर इबादत करेंगे। रमजान के खास दिनशब-ए-कद्र 20 मई को औररमजान का अलविदा जुमा 22 मई को रहेगा। चांद दिखने पर ईद-उल-फितर 24 या 25 मई को मनाया जाएगा। तीस दिन तक अदा की जाएगी तरावीह की नमाज हर मुसलमान को दिन में 5 बार नमाज पढ़ने का नियम है, लेकिन रमजान में 6 बार नमाज पढ़ी जाती है। छठी नमाज रात में होती है, इसे ही तरावीह कहा जाता है। इस नमाज में हर ...

कोरोना के इलाज के लिए मलेरिया की दवा की मांग बढ़ी, भारत इसका सबसे बड़ा सप्लायर, हर महीने बना सकता है 30 करोड़ टैबलेट्स

दुनिया कोरोनावायरस संकट से जूझ रही है। कोराेना के खिलाफ कोई कारगर दवा अभी तक नहीं है।ऐसे में सिर्फ एक दवा हाइड्रोक्सी-क्लोरो-क्विन (एचसीक्यू) की सबसे ज्यादा चर्चा है। केंद्र सरकार ने 25 मार्च को इसके निर्यात पर बैन लगा दिया था। बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति की मांग पर बैन हटाया गया। सिर्फ अमेरिका ही नहीं, दुनिया के कई देश भारत से इस दवा की मांग कर रहे हैं। यह दवा कोरोना की नहीं, बल्कि मलेरिया की है। शुरुआती स्तर पर अभी तक कोरोना के संक्रमण और लक्षणों को कम करने में इसे सबसे ज्यादा प्रभावी माना जा रहा है। हालांकि,शनिवार को देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि यह दवा किसको और कितनी देनी है, इस बारे में वह कोई अनुशंसा नहीं करता है। साथ ही यह भी कहा कि बिना डॉक्टर की सलाह के यह दवाई न ली जाए। पिछले 76 साल से भारत में एंटी मलेरिया और रूमेटाइड अर्थराइटिस के उपचार में उपयोग की जा रही इस दवाई की अचानक से बाजार में किल्लत हो गई है। सबसे पहले बड़े पैमाने पर दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान इस दवा का उपयोग हुआ था। यह टैबलेट मूल रूप से इम्यून पॉवर को बढ़ाती है। भारत ने 13 देशों के लिए अपना...

लॉकडाउन से गंगा में मानव मल की मात्रा लक्ष्मण झूले के पास 47 और हरिद्वार में 25 प्रतिशत कम हुई

इन दिनों गंगा-यमुना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं। सुखद आश्चर्य के साथ लोग इन वीडियो में बता रहे हैं कि कैसे देश भर में हुए लॉकडाउन के बाद इन नदियों का पानी स्वतः ही बेहद साफ नजर आने लगा है। दिल्ली तक आते-आते जो यमुना पूरी तरह से गंदा नाला दिखने लगती है, इन दिनों फिर से नदी लगने लगी है। ऐसे ही गंगा भी इन दिनों इतनी साफ लगने लगी है कि ऋषिकेश-हरिद्वार तक तो उसके पानी को पीने योग्य बताया जाने लगा है। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की हालिया रिपोर्ट बताती है कि ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला क्षेत्र में इन दिनों गंगा के पानी में फ़ीकल कॉलिफोर्म (मानव मल) की मात्रा में 47 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं ऋषिकेश में बैराज से आगे यह कमी 46 प्रतिशत, हरिद्वार में बिंदुघाट के पास 25 प्रतिशत और हर की पौड़ी पर 34 प्रतिशत दर्ज की गई है। इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है लॉकडाउन के दौरान हर की पौड़ी पा गंगा का पानी ‘क्लास-ए’ स्तर का हो चुका है। यानी इसे ट्रीट किए बिना ही सिर्फ़ क्लॉरिनेशन करके भी पिया जा सकता है। ऐसे में यह सवाल बेहद प्रासंगिक लगता है कि गंगा-यमुना सफ़ाई के नाम पर खर्च हो चुक...

Companies badly hit by coronavirus COVID-19 pandemic targets of foreign takeovers, says Rahul Gandhi

via Google News https://ift.tt/3eiFzd9