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18 माह की संक्रमित बेटी के साथ 20 दिन रही मां संक्रमण से बची, पीजीआई रिसर्च करेगा

कोरोना संक्रमित 18 माह की बेटी के साथ 20 दिन एक बेड पर रहकर भी मां संक्रमण से बची रही। अपनी तरह की यह पहली घटना चंडीगढ़ पीजीआई में सामने आई। पीजीआई इस पर रिसर्च करवाएगा कि इतने करीब रहकर भी मां संक्रमण से कैसे बची। 18 माह की चाहत 20 अप्रैल को संक्रमित मिली थी। मां सीजर 20 दिन तक पीजीआई में बेटी के साथ ही।

17 दिन में तीन बार बेटी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई

17 दिन में तीन बार बेटी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। लेकिन, मां की रिपोर्ट हर बार निगेटिव रही। शनिवार को बेटी की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद छुट्‌टी दे दी गई। कोविड सेंटर के डॉ. रश्मि रंजन गुरु ने कहा कि मां का इम्यून सिस्टम मजबूत रहा। उन्होंने मास्क लगाए रखा और बार-बार हाथ धोती रहीं। बच्ची को खांसी-जुकाम नहीं होने के कारण ड्रॉपलेट मां तक नहीं पहुंचे।



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बच्ची को खांसी-जुकाम नहीं होने के कारण ड्रॉपलेट मां तक नहीं पहुंचे।


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सबसे पहले बात चीन के वुहान में हुई एक स्टडी की। जामा पीडिएट्रिक्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वुहान में 33 बच्चे संक्रमित मां से पैदा हुए थे। जिनमें से तीन को छोड़कर सभी स्वस्थ्य थे। जो तीन संक्रमित थे उनमें से 2 बच्चे 6 दिन के होने से पहले ही ठीक भी हो गए थे। इस रिपोर्ट का जिक्र इसलिए क्योंकि वुहान वह जगह है जहां से कोरोना संक्रमण की शुरुआत हुई। और वहां की ये रिसर्च बताती है कि मां मुश्किल वक्त में मजबूत साबित होती है। और अपनी हिम्मत से बच्चों की सुरक्षा करती है। मेडिकल साइंस ये बात माने या न माने ये तस्वीरें यही कहानी कह रही हैं... तस्वीर वियतनाम के हनोई शहर की है। यहां एक मां ने अपने छोटे बच्चे को कोरोना से बचाने के लिए शील्ड पैक कर दिया है। यहां अब तक कोरोना के सिर्फ 288 मरीज मिले हैं। अच्छी बात ये है कि यहां कोरोना ने अब तक किसी की जान नहीं ली। तस्वीर इंडोनेशिया के जावा शहर की है, जिसे 1 अप्रैल को खींचा गया था। इस तस्वीर में जो दिख रही हैं, वो हैं 35 साल की युका, जो अपने 12 दिन के बेटे को गोद में खिला रही हैं। कोरोना की वजह से इंडोनेशिया के अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के सा...