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राज्य में 25 हजार कंपनियां फिर शुरू, कांग्रेस ने दिया 1200 प्रवासी मजदूरों का किराया, मुंबई में दी जा रही होमियोपैथी दवा

महाराष्ट्र में मंगलवार सुबह तक 1230 नए केस सामने आए हैं। इसको मिलाकर कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 23401 हो गई है। पिछले 24 घंटे के दौरान में कुल 36 मरीजों की कोरोना के कारण मौत हुई है। वहीं मुंबई में मंगलवार तक कुल नए 791 मामले रिपोर्ट किए गए हैं। यहां कुल संक्रमितों की संख्या 14355 तक पहुंच चुकी है। 587 मरीजों को अस्पताल से ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है। अब तक राज्य में कुल 4786 मरीज डिस्चार्ज किए गए हैं।

मुंबई मेंकम्युनिटी ट्रांसमिशन नहींक्लस्टरकेसेज

महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में कम्युनिटी ट्रांसमिशन की बात शुरू हो गई, लेकिन हेल्थ विभाग ने इसे क्लस्टर केसेज का नाम दिया है। राज्य के सर्विलांस ऑफिसर डॉक्टर प्रदीप आवटे ने कहा, ‘राज्य के कुछ हिस्सों में क्लस्टर केस, यानी एक इलाके से एक ही समय में बहुत से केस आना है। कुछ मामलों में बीमारी के सोर्स का पता भी नहीं चल रहा। हालांकि यह अभी इतना नहीं है कि इसे कम्युनिटी ट्रंसमिशन का नाम दिया जाए।’

सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में होमियोपैथी दवा से हो रहा कोरोना का इलाज
मुंबई में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच बीएमसी की ओर से लोगों को होमियोपैथी दवा आर्सेनिक अलबम 30 दी जा रही है। बीएमसी का मानना है कि इसे विशेषज्ञों की सलाह के बाद बांटा जा रहा है। इसके सकरात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। अच्छी बात यह है कि इसके कोई साइड इफेक्ट भी नहीं हैं। बीएमसी स्वास्थ्य विभाग की कार्यकारी अधिकरी डॉ. पद्मजा केसकर की तरफ से जी-नार्थ और के-वेस्ट वॉर्ड ऑफिसर को पत्र जारी कर उनके विभाग में अधिक से अधिक लोगों को आर्सेनिक अलबम 30 देने का निर्देश दिया गया है।

बिहार जाने वाले 1200 मजदूरों का ट्रेन किराया मुंबई कांग्रेस ने दिया

सोमवार की शाम को मुंबई सीएसटी रेलवे स्टेशन से 1200 मजदूरों को लेकर बिहार के लिए रवाना हुई एक ट्रेन का पूरा किराया भरा मुंबई कांग्रेस में भरा और मजदूरों को मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई। यह जानकारी मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष एकनाथ गायकवाड ने दी। यह ट्रेन मुंबई सीएसटी से शाम को 5 बजे बिहार के लिए रवाना हुई।

एयर इंडिया पायलटों की जांच रिपोर्ट पहले पॉजिटिव, फिर नेगेटिव
मुंबई में कोरोना टेस्ट में भारी चूक सामने आई है। 10 मई को एयर इंडिया जिन 5 पायलट और दो टेक्नीकल स्टाफ में कोरोना की पुष्टि हुई थी, अब दूसरी रिपोर्ट में 4 पायलटों को नेगेटिव करार दिया गया है। आज तीन अन्य की रिपोर्ट आ सकती हैं। शनिवार को एयरलाइन के 77 पायलटों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण किया गया, जिसमें से 5 लोगों को पॉजिटिव पाया गया था। इनमें कोरोना वायरस के कोई भी लक्षण नहीं थे। बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान को उड़ाने वाले यह पांचों पायलट फिलहाल होम आइसोलेशन में हैं। इन्हें विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए वंदे भारत मिशन के तहत ड्यूटी पर तैनात किया गया था।

गांव वाले नहीं चाहते रेड जोन से आएं लोग: अनिल परब
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) की बसों की अंतरजिला मुफ्त सेवा पर रोक लगाने को लेकर सफाई दी है। परब ने कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों में फंसे मजदूरों और विद्यार्थियों को अपने मूल गांव में जाने के लिए मुफ्त में एसटी बसें चलाने का फैसला लिया गया था लेकिन कई जगहों पर इसका विरोध हो रहा था। ग्रामीण इलाकों के लोगों का कहना है कि मुंबई, पुणे और नागपुर जिले जैसे रेड जोन वाले इलाकों से दूसरे इलाकों में लोगों को आने की अनुमति न दी जाए। गांवों में बड़े पैमाने पर लोगों के बीच कोरोना फैलने को लेकर अफवाह है। इसके मद्देनजर इस फैसले को स्थगित किया गया है।

नागपुर में तैयार हो रहा 5000 बिस्तर वाला 'कोविड-19 केंद्र'
नागपुर नगर निगम कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए 5,000 बिस्तर की क्षमता वाला एक 'कोविड-19 केंद्र' स्थापित कर रहा है। निगम आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि नगर निगम येर्ला के पास स्थित राधा स्वामी सत्संग परिसर में विशाल 'कोविड-19 केंद्र' बना रहा है। यहां अबतक 500 बिस्तर स्थापति हो चुके हैं। अचानक मामलों में वृद्धि होने के मद्देनजर यह प्रबंध किया गया है।

राज्य में 25 हजार कंपनियां फिर से शुरू हुईं
महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत 6 लाख लोगों ने लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद काम काज शुरू कर दिया है । उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान देसाई ने कहा कि राज्य में 25 हजार कंपनियों में काम काज शुरू हो चुका है।

सोनू सूद ने मुंबई में फंसे प्रवासी मजदूरों की बसों की व्यवस्था की
अभिनेता सोनू सूद ने लॉकडाउन के कारण मुंबई में फंसे प्रवासी मजदूरों के परिवहन के लिए बसों की व्यवस्था की। अभिनेता ने प्रवासी मजदूरों की यात्रा और भोजन का पूरा खर्चा उठाया। कर्नाटक और महाराष्ट्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद सोमवार को कुल 10 बसें कर्नाटक के गुलबर्ग के लिए रवाना हुई। सोनू सूद ने कहा कि उनका मानना है कि इस वैश्विक संकट के समय में हर भारतीय को उसके परिवार के साथ रहने का अधिकार है और इसलिए उन्होंने राज्य सरकार से अनुमति लेकर प्रवासियों को उनके घर जाने में मदद की।

उद्योग फिर शुरू होने के कारण घर नहीं जा रहे प्रवासी मजदूर
पुणे से मध्यप्रदेश के लिए जाने वाली एक श्रमिक विशेष रेलगाड़ी के लिए तीन सौ प्रवासी कामगारों ने रविवार को यात्रा के लिए रिपोर्ट नहीं किया और उत्तराखंड जाने वाली रेलगाड़ी के लिए 80 श्रमिकों ने रिपोर्ट नहीं की। स्थानीय अधिकारियों ने दावा किया कि क्षेत्र में कई उद्योगों के फिर से खुलने के कारण ये सकारात्मक संकेत हैं। एक अधिकारी ने बताया कि मध्यप्रदेश जाने के लिए 1172 लोगों को अनुमति मिली थी लेकिन रेलगाड़ी खुलते समय तक दौंद स्टेशन पर 300 श्रमिकों ने रिपोर्ट नहीं की जिनमें अधिकतर एमआईडीसी इलाके में काम करते थे।

धारावी में एक दिन में 57 नए संक्रमित मरीज मिले
मुंबई के धारावी इलाके में मंगलवार सुबह तक कोरोना संक्रमित 57 नये मामले सामने आए, जिसके बाद यहां कुल रोगियों की संख्या 916 हो गयी है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। यहां अब तक कोरोना वायरस से 29 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारी ने कहा, "90-फुट रोड, अबू बकर चाल, धारावी क्रॉस रोड, पीवी चाल, धोबी घाट, गौतम चाल, मुस्लिम नगर, शास्त्री नगर, कुट्टीवाड़ी और कुछ अन्य इलाकों में नये मामले आए हैं।"



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ब्रिटेन में 45 दिन तक बिना जांच के सिर्फ लक्षण के आधार पर कोरोना मरीज तय होते रहे। ब्रिटेन में पहला मरीज जनवरी के आखिरी हफ्ते में आया था, लेकिन इसकी पहचान आरटी-पीसीआर जांच से नहीं हुई थी। लक्षण के आधार पर सीटी स्कैन और चेस्ट एक्स-रे कर कोरोना की पुष्टि की गई थी। ऐसा 15 मार्च तक चलता रहा। तब तक 1100 मरीज मिले थे। 21 की मौत हो चुकी थी। मार्च के आखिरी में आरटी-पीसीआर किट पहुंची। भारत में पहला कोरोना मरीज 30 जनवरी को मिला था। भारत ने आरटी-पीसीआर जांच कर मरीज की पहचान की। आज भारत में 67 हजार से ज्यादा मामले हैं। जबकि ब्रिटेन में करीब 2.20 लाख केस आ चुके हैं। ब्रिटेन में पहले दो कोरोना मरीज चीन के दो यात्री थे। इसके बाद एक व्यापारी, जो चीन और हॉलैंड की यात्रा कर लौटे थे, उन्हें यह बीमारी हुई। मार्च के मध्य में सरकार ने इस बीमारी को कम्युनिटी ट्रांसमिशन बताया। शुरू में यहां के विशेषज्ञ मान रहे थे कि संक्रमण भयावह नहीं होगा। इसी से लॉकडाउन नहीं किया गया। हर्ड इम्युनिटी का रिस्क लिया गया, जो खतरनाक साबित हुआ। भले ही मरीजों की संख्या दो लाख के पार चली गई है, लेकिन इसे अब भी पीकनहीं कहा जा रहा...

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