Skip to main content

अब तक 42.54 लाख संक्रमित: रूस आज से पाबंदियों में ढील देगा, यहां एक हफ्ते से हर दिन 10 हजार से ज्यादा केस मिल रहे

दुनिया में कोरोनावायरस के अब तक 42 लाख 54 हजार 131 मामले सामने आ चुके हैं। दो लाख 87 हजार की मौत हो चुकी है, जबकि 15 लाख 27 हजार 105 लोग ठीक हो चुके हैं। उधर, रूस में एक हफ्ते से संक्रमण के 10 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद सरकार मंगलवार से यहां ढील देने की योजना बना रही है। एक दिन पहले यहां 11 हजार 656 केस मिले थे।

कोरोनावायरस : सबसे ज्यादा प्रभावित 10 देश

देश कितने संक्रमित कितनी मौतें कितने ठीक हुए
अमेरिका 13,85,834 81,795 2,62,225
स्पेन 2,68,143 26,744 1,7,846
ब्रिटेन 2,23,060 32,065 उपलब्ध नहीं
रूस 2,21,344 2,009 39,801
इटली 2,19,814 30,739 1,06,587
फ्रांस 1,77,423 26,643 56,724
जर्मनी 1,72,576 7,661 1,45,617
ब्राजील 1,69,143 11,625 67,384
तुर्की 1,39,771 3,841 95,780
ईरान 1,09,286 6,685 87,422

ये आंकड़ेhttps://ift.tt/37Fny4L से लिए गए हैं।

अमेरिका: कोरोना अदृश्य दुश्मन: ट्रम्प
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरोना को अदृश्य दुश्मन बताया है। उन्होंने कहा कि कि इस हफ्ते देश में 1 करोड़ लोगों का टेस्ट कर लिया जाएगा। यह संख्या किसी भी दूसरे देश से दोगुनी है। ट्रम्प ने व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में कहा कि हम दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, स्वीडन, फिनलैंड और कई अन्य देशों की तुलना में प्रति व्यक्ति ज्यादा लोगों का टेस्ट कर रहे हैं। सोमवार सुबह तक देश में 90 लाखटेस्ट किया जा चुका है।

  • जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक, अमेरिका में लगातार दूसरे दिन एक दिन में मरने वालों की संख्या 900 से कम।
  • अमेरिका में अब तक 81,795 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 13 लाख 85 हजार से ज्यादा संक्रमित हैं।
  • अमेरिका के सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य न्यूयॉर्क में अब तक 27 हजार लोगों की जान गई और तीन लाख से ज्यादा संक्रमित हैं।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति पेंस का टेस्ट निगेटिव

अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस का कोरोना टेस्ट निगेटिव आया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसकी जानकारी दी। पेंस ने सोमवार और मंगलवार दोनों दिन टेस्ट कराया और उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। शुक्रवार को ट्रम्प ने पेंस कीप्रवक्ता कैटी मिलर के कोरोना से संक्रमित होने की जानकारी दी थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि पेंस अन्य लोगों से दूरी बनाकर चलेंगे, लेकिन उनके कार्यक्रम पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

ब्रिटेन: 32 हजार से ज्यादा मौतें
ब्रिटेन में 24 घंटे में 210 लोगों की मौत हुई है और 3877 संक्रमित हुए हैं। देश में अब तक 32 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। वहीं, अमेरिका और स्पेन के बाद ब्रिटेन तीसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश बन गया है। यहां सरकार ने 1 जून से सभी खेल शुरू करने की मंजूरी दे दी है। हालांकि, इस दौरान दर्शक मौजूद नहीं रह सकेंगे। इन सभी खेलों का लाइव टेलिकास्ट किया जा सकेगा।

रूस: मॉस्को में एक दिन में 55 की मौत
रूस की राजधानी मॉस्को में 24 घंटों में कोरोना से 55 लोगों की मौत हुई है। कोरोना प्रतिक्रिया केंद्र ने इसकी जानकारी दी। प्रतिक्रिया केंद्र ने कहा कि मॉस्को में 55 मरीज जो कोरोना से संक्रमित थे उनकी मृत्यु हो गई है। मॉस्को में रविवार को 56 लोगों की मौत हुई थी। देश में 24 घंटे में वायरस से 94 मरीजों की मौत हुई है और यहां अब तक 2009 लोगों की जान जा चुकी है।

पेरू: 68,822 मामले
पेरूमें मंगलवार को कोरोना के 1515 नए मामले सामने आए। यहां संक्रमितों की संख्या 68 हजार 822 हो गई है। वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1961 हो चुकी है। संक्रमितों में से 6648 मरीज अस्पताल में भर्ती है। राजधानी लीमा में कोरोना का सबसे ज्यादा कहर है। यहां कुल 44,333 संक्रमित हैं। पेरूमें कोरोना के खतरे को देखते हुए 24 मई तक लॉकडाउन बढ़ाया गया है।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
रूस के एक कब्रिस्तान में शव दफनाते परिजन। यहां अब तक 2009 लोगों की मौत हो चुकी है।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3dAasZi
via IFTTT

Comments

Popular posts from this blog

कोरोना के चलते वर्क फ्रॉम होम का आदेश हुआ, तो नासा के वैज्ञानिक 19 हजार करोड़ रुपए का क्यूरोसिटी मार्स रोवर अपने घर से चला रहे

अगर आपको घर से काम करना कठिन लगता है, तो अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के वैज्ञानिक आपके लिए मिसाल बन सकते हैं। वे मंगल ग्रह की जानकारी जुटाने वाले 18,750 करोड़ रुपए से ज्यादा की कीमत वाले ‘क्यूरोसिटी मार्स रोवर‘ को अपने घर से चला रहे हैं। इससे मार्स रोवर के काम में कोई रुकावट नहीं आई है और वह अब भी मंगल ग्रह से जुड़े आंकड़े और तस्वीरें इकट्‌ठा कर रहा है। हालांकि टीम को थोड़ी मुश्किल हो रही है क्योंकि सभी को एक साथ 15 चैट चैनल्स पर भी नजर रखनी पड़ती है। लेकिन, फिर भी अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए वे घर से ही काम करना पसंद कर रहे हैं। ट्रेंड: वर्क फ्रॉम होम की नौकरी तलाशने वाले60% तक बढ़े जॉब पोर्टल मॉन्स्टरके मुताबिक, वर्क फ्रॉम होम जॉब्स तलाशने वालों की संख्या में पिछले कुछ समय में 60% तक का इजाफा हुआ है। वहीं गूगल ट्रेंड्स भी बताता है कि लॉकडाउन के दौरानवर्क फ्रॉम होम से जुड़ी सर्च में इजाफा हुआ है। जनवरी की तुलना में इसे मार्च में 82% तक ज्यादा सर्च किया गया। रिसर्च फर्म गार्टनर के मुताबिक, दुनिया में 2030 तक घर से काम करना 30% बढ़ जाएगा, क्योंकि जनरेशन-जेड वर्कफोर्स में आ जाएगी। 64% पेश...

अमेरिका में कोरोना के कारण 1.7 करोड़ लोगों के सामने भोजन संकट; 60 हजार एजेंसियां, दो लाख वॉलंटियर्स खाना पहुंचा रहे

अमेरिका कोरोना से दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। यहां 13 लाख से ज्यादा मामले आ चुके हैं। 80 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। यहां कोरोना की वजह से दो महीने में करीब 1.7 करोड़ लोगों के सामने खाने का संकट आ गया है। दो महीने में यह संख्या करीब 46% बढ़ी है। जबकि अमेरिका में कोरोना और अन्य कारणों से भूखे रहने वाले लोग साढ़े पांच करोड़ हो चुके हैं। ऐसे में फूड सिक्योरिटी और भुखमरी पर काम करने वाला राष्ट्रीय संगठन फीड अमेरिका लोगों तक खाना पहुंचा रहा है। फीड अमेरिका की सीईओ कैटी फिजगेराल्ड ने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखकर लगता है कि हालात हमारे नियंत्रण से बाहर हो गए हैं। ऐसी स्थिति में कोई भी खाद्य सुरक्षा के संकट में पड़ सकता है। स्थिति भयानक हो सकती है। अमेरिका में 3.7 करोड़ लोग खाने के संकट से जूझ रहे थे ऐसे लोगों की तादाद भी बढ़ रही है, जिनके सामने खाने-पीने का संकट पैदा हो गया है। कोरोना से पहले अमेरिका में 3.7 करोड़ लोग इस संकट से जूझ रहे थे। कोरोना, बेरोजगारी की वजह से महज दो महीने में इसमें 1.7 करोड़ लोग और जुड़ गए। यानी अभी करीब साढ़े पांच करोड़ लोग संकट में ह...

92 साल के भवानी शंकर शर्मा ने संक्रमण से ठीक होने पर कहा- कभी नशा नहीं किया, पैदल चलने और मेरी जीवटता ने ही मुझे नई जिंदगी दे दी

ये हैं 92 साल के भवानी शंकर शर्मा। इन्होंने न सिर्फ कोरोना को हराया है बल्कि, जिंदगी जीने की सबसे खूबसूरत तस्वीर भी दिखाई। 28 अप्रैल को कोरोना संक्रमण से पूरी तरह मुक्त होकर वे फिलहाल घर में क्वारैंटाइन की गाइडलाइन फॉलो कर रहे हैं। इस उम्र में ऐसा क्या था जो उनकी मजबूत इच्छाशक्ति को जगाए था? आइए जानते हैं उन्हीं की जुबानी। 'मैं अगर ठीक होकर लौटा हूं तो उसकी वजह सिर्फ मेरा परिवार है। क्योंकि, मेरे सब यार-दोस्त अलविदा कह चुके हैं, इच्छाएं अब उड़ान की रही नहीं। बस, परिवार में खुद को देखना चाहता था। मुझे परिवार में लौटना था। उम्र के हिसाब से तो मुझे ऊपर वाले से कोई शिकायत नहीं। बस एक बार परिवार से मिलना चाहता था...मेरे दोनों बेटे रिटायर्ड डॉक्टर, इंजीनियर हैं। उन्हीं के बीच अंतिम सांस लेने की इच्छा थी।' 'यही प्रार्थना ऊपर वाले से करके सबकुछ उस पर छोड़ दिया। मैं और कर भी क्या सकता था? कोरोना संक्रमण कैसे हुआ इसका तो मेरे पास कोई जवाब नहीं, लेकिन यह जरूर याद है कि 13 से 28 अप्रैल तक एसएमएस स्थित कोरोना इलाज केंद्र में दिन कैसे बीते, पता ही नहीं चला। इलाज के दौरान मैंने खुद को कम...

7 देशों से 8 विमानों में भारतीयों की वापसी होगी; पहली फ्लाइट दोपहर 3 बजे दिल्ली पहुंचने की उम्मीद

कोरोना वायरस की वजह से विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने के मिशन वंदे भारत का आज तीसरा दिन है। आज 7 देशों से 8 फ्लाइट आएंगी। ढाका से दिल्ली आने वाली फ्लाइट के सबसे पहले दोपहर 3 बजे लैंड होने की उम्मीद है। किस फ्लाइट में कितने लोग आएंगे, यह अभी साफ नहीं हो पाया है। इससे पहले मिशन के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को चार उड़ानों से भारतीयों की वापसी हुई। आज की 8 फ्लाइट कहां-कहां से आएंगी? कहां से आएगी कहां पहुंचेगी पहुंचने का समय ढाका दिल्ली दोपहर 3 बजे कुवैत हैदराबाद शाम 6.30 बजे मस्कट कोच्चि रात 8.50 बजे शारजाह लखनऊ रात 8.50 बजे कुवैत कोच्चि रात 9.15 बजे कुआलालंपुर त्रिची रात 9.40 बजे लंदन मुंबई रात 1.30 बजे दोहा कोच्चि रात 1.40 बजे 8 मई को 5 उड़ानों से लोग भारत लौटे वंदे भारत मिशन के दूसरे दिन यानी 8 मई को पहली फ्लाइट दोपहर 12 बजे दिल्ली पहुंची। इस फ्लाइट में सिंगापुर से 234 लोग आए। दूसरी फ्लाइट ढाका से 167 मेडिकल स्टूडेंट को लेकर श्रीनगर आई। तीसरी फ्लाइट रियाद से कोझिकोड पहुंची। इसमें आने वाले लोगों की संख्या पता नहीं चल पाई। बहरीन से कोच...

92 साल के भवानी शंकर शर्मा ने संक्रमण से ठीक होने पर कहा- कभी नशा नहीं किया, पैदल चलने और मेरी जीवटता ने ही मुझे नई जिंदगी दे दी

ये हैं 92 साल के भवानी शंकर शर्मा। इन्होंने न सिर्फ कोरोना को हराया है बल्कि, जिंदगी जीने की सबसे खूबसूरत तस्वीर भी दिखाई। 28 अप्रैल को कोरोना संक्रमण से पूरी तरह मुक्त होकर वे फिलहाल घर में क्वारैंटाइन की गाइडलाइन फॉलो कर रहे हैं। इस उम्र में ऐसा क्या था जो उनकी मजबूत इच्छाशक्ति को जगाए था? आइए जानते हैं उन्हीं की जुबानी। 'मैं अगर ठीक होकर लौटा हूं तो उसकी वजह सिर्फ मेरा परिवार है। क्योंकि, मेरे सब यार-दोस्त अलविदा कह चुके हैं, इच्छाएं अब उड़ान की रही नहीं। बस, परिवार में खुद को देखना चाहता था। मुझे परिवार में लौटना था। उम्र के हिसाब से तो मुझे ऊपर वाले से कोई शिकायत नहीं। बस एक बार परिवार से मिलना चाहता था...मेरे दोनों बेटे रिटायर्ड डॉक्टर, इंजीनियर हैं। उन्हीं के बीच अंतिम सांस लेने की इच्छा थी।' 'यही प्रार्थना ऊपर वाले से करके सबकुछ उस पर छोड़ दिया। मैं और कर भी क्या सकता था? कोरोना संक्रमण कैसे हुआ इसका तो मेरे पास कोई जवाब नहीं, लेकिन यह जरूर याद है कि 13 से 28 अप्रैल तक एसएमएस स्थित कोरोना इलाज केंद्र में दिन कैसे बीते, पता ही नहीं चला। इलाज के दौरान मैंने खुद को कम...

मोदी बोले- 22 साल पहले पोखरण में किया गया परमाणु परीक्षण अभूतपूर्व उपलब्धि थी, आज वैज्ञानिक तकनीक की मदद से कोरोना को हराने में जुटे

आज राष्ट्रीय तकनीक दिवस है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के वैज्ञानिकों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि 1998 में पोखरण में किया गया परमाणु परीक्षण एक अभूतपूर्व उपलब्धि थी। आज जब देश में कोरोनावायरस का संकट है, तब भी वैज्ञानिक तकनीक की मदद से महामारी को हराने में जुटे हैं। 11 मई 1998 को अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में पोखरण में भारत ने परमाणु परीक्षण किया था। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘आज राष्ट्रीय तकनीक दिवस के मौके पर पूरा देश उन लोगों को सैल्यूट करता है जो तकनीक के दम पर हमारी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लेकर आए। हमें 1998 की पोखरण की वो उपलब्धि याद है। वह भारत के इतिहास का यादगार पल था। उस परीक्षण ने दिखाया कि मजबूत राजनीतिक नेतृत्व एक बड़ा अंतर ला सकता है।’’ Today, technology is helping many in the efforts to make the world free from COVID-19. I salute all those at the forefront of research and innovation on ways to defeat Coronavirus. May we keep harnessing technology in order to create a healthier and better planet. — Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2020...

कोरोना की उजली तस्वीरः आबाद हो रहे उत्तराखंड के 1700 भूतिया गांव, 2 लाख से ज्यादा लोग लौट रहे हैं

पूरा देश कोरोना से जूझ रहा है, लेकिन कोरोना उत्तराखंड के लिए एक सकारात्मक खबर लाया है। जिन लोगों ने रोजगार के लिए वर्षों पहले अपने पहाड़ी गांव छोड़ दिए थे, वे अब लौट रहे हैं। ये वही लोग हैं, जिन्हें वापस लाने के प्रयास सरकार पिछले 10 साल से कर रही थी, लेकिन सफल नहीं रही थी। 10 सालों में राज्य के पर्वतीय जिलों से 5 लाख से ज्यादा लोग पलायन कर चुके हैं। ग्राम विकास एवं पलायन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, 60 हजार लोगों की घर वापसी हो चुकी है। एक सप्ताह में डेढ़ लाख लोग और लौट आएंगे। इनका रजिस्ट्रेशन हो गया है। ये लोग फिर से पलायन न करें, इसके लिए सरकार ने जतन चालू कर दिए हैं। पूर्व सीएस इंदुकुमार पांडेय के नेतृत्व में हाईपावर कमेटी काम कर रही है। पलायन आयोग ने भी इनसे बात कर सरकार को सिफारिशें देना शुरू कर दी हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूरी तरह खाली हो चुके 1700 भूतिया गांव में से आधे फिर आबाद हो सकेंगे। दो लाख से ज्यादा लोग तो इस हफ्ते ही वापस आ जाएंगे। भविष्य में लॉकडाउन खुलते ही करीब इतने ही लोग और वापस आ सकते हैं। उत्तरकाशी के डीएम आशीष सिंह कहते हैं कि जिले में लौटे 5 हजार लोगों म...

3 हजार रुपए की साइकिल 6 हजार में खरीदी, फिर महाराष्ट्र से 1200 किमी सफर पर निकले मजदूर

महाराष्ट्र से हजारों की संख्या में मजदूर पैदल, साइकिल, ट्रक या जो कुछ मिला उसी से घर वापसी के लिए निकल पड़े हैं। ऐसे ही सातारा की फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर साइकिल लेकर 1,200 किमी के सफर पर निकले हैं। ये मध्यप्रदेश के रीवा जिले के पांडेन बरौली गांव जा रहे हैं। लॉकडाउन से कंपनी बंद हुई और फिर पगार। पैसे-सामान सब खत्म हो गया। संकट बढ़ा, तो गांव लौटने का फैसला किया। ट्रेन होती तो 350 रुपए में घर पहुंच जाते मजदूरों में से एक शिवकुमार ने बताया, “350 रुपए में रेलवे से गांव तक पहुंच जाते हैं।लेकिन अब प्रत्येक ने साढ़े तीन हजार रुपए खर्च किए हैं। प्रशासन ने कोई मदद नहीं की, तब टेम्पो में जाने की कोशिश की। गाड़ीवालों ने एक से डेढ़ लाख रुपए मांगे। ऐसे में साइकिल दुकानदार से गुजारिश की।तो उसने तीन हजार की साइकिल छह हजार रुपए में बेची। इसके लिए परिवार से पैसे मंगाए और सफर शुरू किया। जेब में पैसे नहीं है। किसी ने खिला दिया तो ठीक, वरना ऐसे ही चल पड़ते हैं। अब गांव में ही खेती-किसानी करेंगे, कहीं नहीं जाएंगे।” आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें तीन हजार की सा...

आईएनएस जलाश्व मालदीव से 698 भारतीयों को लेकर रवाना, इनमें 19 गर्भवती महिलाएं भीं; कल तक कोच्चि पहुंचने की संभावना

कोरोना महामारी की वजह से दुनियाभर में फंसे भारतीयों को हवाई और समुद्र मार्ग से घर लाया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 'वंदे भारत मिशन'और 'ऑपरेशन समुद्र सेतु'शुरू किया है। ऑपरेशन समुद्र सेतु के तहत सबसे पहले मालदीव से भारतीयों को लाया जा रहा है। माले से 698 भारतीयों को लेकर आईएनएस जलाश्व रवाना हो चुका है। इसके 10 मई को कोच्चि पहुंचने की संभावना है। आईएनएस जलाश्व के जरिए मालदीव से 595 पुरुष और 103 महिलाएं लौट रहे हैं। इनमें 19 गर्भवती महिलाएं भी हैं। नौसेना करीब 2000 लोगों को वापस लाने के लिए आईएनएस जलाश्व और आईएनएस मगर के जरिए ऑपरेशन चला रही है। दोनों युद्धपोत केरल के कोच्चि और तमिलनाडु के तूतीकोरिन से दो-दो बार माले जाएंगे। ऐसा बताया जा रहा है कि मालदीव से4500 लोगों ने भारत लौटने की इच्छा जताई है। मालदीव में करीब 27 हजार भारतीय रहते हैं। आईएनएस मगर रविवार को माले से निकलेगा मालदीवमें भारत के उच्चायुक्त संजय सुधीर ने बताया कि आईएनएस मगर रविवार को 200 भारतीय को लेकर तमिलनाडु के तूतीकोरिन जाएगा। फिर अगले हफ्ते माले फिर आएगा।सुधीर ने बताया कि आईएनएस जलाश्व गुरुवार ...

मोदी आज मुख्यमंत्रियों के साथ 5वीं बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा करेंगे, केंद्र ने राज्यों से कहा- अब आर्थिक गतिविधियों को गति दें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सभीमुख्यमंत्रियों के साथ पांचवीं बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे। बैठक दोपहर 3 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी, जिसमें सभी मुख्यमंत्रियों को बात रखने का मौका मिलेगा। लॉकडाउन का तीसरा फेज 17 मई को खत्म हो रहा है। ऐसे में मोदी मुख्यमंत्रियों से कोरोना से निपटने की रणनीति, लॉकडाउन की बंदिशें कम करने और आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने पर सुझाव मांग सकते हैं। दूसरी ओर, केंद्र सरकार का फोकस अब इकोनॉमी को गति देने के लिए राज्यों में कामकाज शुरू कराने पर है। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने रविवार कोराज्यों केचीफ सेक्रेटरी (मुख्य सचिव) और हेल्थ सेक्रेटरी (स्वास्थ्य सचिव) से बात की थी।गौबा ने कहा कि अब राज्य सरकारों को आर्थिक गतिविधियां चालू करने पर जोर देना चाहिए। सरकार प्रवासियों के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला रही है। सभी राज्य इसमें ज्यादा से ज्यादा सहयोग करें और वंदे भारत मिशन के तहत विदेशों में फंसे लोगों की लौटने में मदद करें। कई राज्यों ने रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन पर सवाल उठाए सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट सेक्रेटरी के साथ चर्चा में कई राज्यों ने रेज, ग्रीन और ऑरेंज जोन में ब...