Skip to main content

लंदन में फंसे 326 भारतीयों को लेकर स्पेशल फ्लाइट मुंबई पहुंची, शनिवार को 6 विमान से एक हजार लोग आए थे

कोरोनावायरस की वजह से विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने के मिशन वंदे भारत का आज चौथा दिन है। लंदन में फंसे 326 भारतीयों को लेकर एक विशेष विमानरविवार तड़के डेढबजेछत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंचा। एयरपोर्ट के अफसरों ने बताया कि मुंबई में रहने वाले कोरोना के लक्षण वाले यात्रियों को आइसोलेशन सेंटर में भेजा जाएगा। जो शहर के बाहर के उन्हें राज्य सरकार उनके घरों तक पहुंचाएगी। जिला स्तर पर फिर इनकी जांच होगी और प्रोटोकॉल के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।इससे पहले शनिवार कोमिशन वंदे भारत के तहत अलग 5देशों से6 फ्लाइट आई थीं।इनमें दो फ्लाइट कुवैत से थीं।

खाड़ी देशों से केरल आए दो भारतीय पॉजिटिव
केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन नेशनिवार कोबताया कि मिशन के पहले दिन (7 मई) को खाड़ी देशों से लौटे दो भारतीयों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें से एक दुबई से कोझिकोड और दूसरा अबू धाबी से कोच्चि आया था। अबू धाबी से आई पहली फ्लाइट के 181 भारतीयों में से 5 लोगों में कोरोना के लक्षण मिले थे। ये जिन विमानों में आए उनमें 9 बच्चों समेत 363 लोग थे। केरल में कोरोना मरीजों की संख्या 505 हो गई है।

9 मई को:सबसे ज्यादा 183 भारतीय मस्कट से कोच्चि पहुंचे

फ्लाइट्स यात्री
ढाका- दिल्ली 129
शारजाह-लखनऊ 182
कुवैत-हैदराबाद 163
कुवैत-कोच्चि 177
मस्कट-कोच्चि 183
कुआलालम्पुर-त्रिची 177
कुल 1011

यह तस्वीर हाजी मोहम्मद साजिद की है। यह स्पेशल फ्लाइट से शनिवार को शारजाह से लखनऊ पहुंचे। एयरपोर्ट से बाहर निकलते वक्त झुककर नमन किया।

8 मई को 5 उड़ानों से लोग भारत लौटे
वंदे भारत मिशन के दूसरे दिन यानी 8 मई को पहली फ्लाइट दोपहर 12 बजे दिल्ली पहुंची। इस फ्लाइट में सिंगापुर से 234 लोग आए। दूसरी फ्लाइट ढाका से 167 मेडिकल स्टूडेंट को लेकर श्रीनगर आई। तीसरी फ्लाइट रियाद से 153 लोगों को लेकर कोझिकोड पहुंची। बहरीन से कोच्चि और दुबई से चेन्नई आई उड़ानों में 182-182 लोग आए।

7 मई को दो उड़ानें आईं
मिशन के पहले दिन यानी 7 मई को पहली फ्लाइट अबू धाबी से 181 भारतीयों को लेकर कोच्चि पहुंची। इनमें से 5 लोगों में कोरोनावायरस के लक्षण दिखने पर उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया गया। दूसरी फ्लाइट दुबई से 182 यात्रियों को लेकर कोझिकोड आई।

दूसरा फेज 15 मई से शुरू होगा
वंदे भारत मिशन के तहत भारत लौट रहे लोगों को फ्लाइट का किराया और क्वारैंटाइन का खर्च खुद उठाना होगा। पहले फेज में 14 मई तक 12 देशों से 14 हजार 800 भारतीयों को लाने का प्लान है। मिशन का दूसरा फेज 15 मई से शुरू होगा। इस फेज में सेंट्रल एशिया और यूरोपीय देशों जैसे- कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, रूस, जर्मनी, स्पेन और थाईलैंड से भारतीयों को लाया जाएगा।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
लंदन से फ्लाइट एआई 130 रविवार तड़के 1:30 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची। इसमें 129 भारतीय सवार थे।


from Dainik Bhaskar /national/news/vande-bharat-mission-day-4-indians-will-return-in-flights-in-india-news-and-updates-127287883.html
via IFTTT

Comments

Popular posts from this blog

किसान दादा का दर्द देख 9 साल के बच्चे ने बनाया टिकटॉक वीडियो, मासूमियत भरी आवाज में वह बोला- देखो, गेंदा कैसे फेंकना पड़ रहा है

कुणाल की उम्र नौ साल है और वो मेरठ जिले के लावड कस्बे में रहते हैं। उनके दादा छेद्दा सिंह एक किसान हैं और बीते कई साल से गेंदे के फूल की खेती कर रहे हैं। इस साल जब लॉकडाउन के चलते छेद्दा सिंह की फूलों की सारी फसल बर्बाद होने लगी तो कुणाल ने अपने दादा की मदद के लिए एक बेहद मासूम प्रयास किया। कुणाल ने एक बर्बाद होते फूलों का एक वीडियो बनाया और टिकटॉक पर इसे साझा करते हुए कहा, ‘देखिए भाइयों देखिए। किसानों को खेत से बाहर कैसे फेंकना पड़ रहा है गेंदा। किसानों का कोरोना वायरस की वजह से बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। इसीलिए इस वीडियो को लाइक और शेयर करके आगे बढ़ाएं।’ भरपूर मासूमियत और बेहद उत्साह के साथ कुणाल बताते हैं कि उनका ये वीडियो अब तक 125 लोगों ने देख लिया है। यह पूछने पर कि उन्होंने यह वीडियो क्यों बनाया, वे पूरे आत्मविश्वास के साथ कहते हैं, ‘ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जान सकें कि कोरोनावायरस के कारण किसानों को कितना नुकसान हो रहा है।’ जिस नुकसान का जिक्र कुणाल कर रहे हैं उसकी मार इन दिनों मेरठ की सरधना तहसील के सैकड़ों किसान झेल रहे हैं। यहां लावड कस्बे में सब्जियों और फूलों की अच्छी...

The mystery of the 'blue monkeys' in ancient Grecian frescoes, solved

via World news – breaking news, videos and headlines - CNN https://ift.tt/3ejZ05j

पहली बार ऐसा होगा जब घर पर ही पढ़ी जाएंगी नमाज, चांद दिखने पर 24 या 25 मई को मनेगी ईद

कल यानी शुक्रवार, 24 अप्रैल को चांद दिखने के बाद आज से रमजान महीने की शुरुआत हो गई है। 23 अप्रैल को साउदी अरब में चांद दिखने पर वहां रमजान महीना शुरू हो गया है। कोरोना संक्रमण के कारण जारी लॉकडाउन में मुस्लिमपहली बार तरावीह की नमाज घरमें ही अदा करेंगे। तरावीह रमजान में पढ़ी जाने वाली खास नमाज को कहते हैं।सऊदी अरब सरकार ने मक्का-मदीना बंद कर रखा है। इस कारण वहांउमराह के लिए भी लोग नहीं जा सकेंगे। जून-जुलाई में हज के निरस्त होने की भीआशंका है। 25 अप्रैल यानी आज से एक महीने तक रोजे रखकरपांचवक्त की नमाज व तरावीह घर पर ही पढ़ी जाएंगी। लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के कारण मसजिदों में नमाज पढ़ने पर रोक लगी है। इस महीने रोजेदार करीब 15 घंटे भूखे-प्यासे रहकर इबादत करेंगे। रमजान के खास दिनशब-ए-कद्र 20 मई को औररमजान का अलविदा जुमा 22 मई को रहेगा। चांद दिखने पर ईद-उल-फितर 24 या 25 मई को मनाया जाएगा। तीस दिन तक अदा की जाएगी तरावीह की नमाज हर मुसलमान को दिन में 5 बार नमाज पढ़ने का नियम है, लेकिन रमजान में 6 बार नमाज पढ़ी जाती है। छठी नमाज रात में होती है, इसे ही तरावीह कहा जाता है। इस नमाज में हर ...

कोरोना के इलाज के लिए मलेरिया की दवा की मांग बढ़ी, भारत इसका सबसे बड़ा सप्लायर, हर महीने बना सकता है 30 करोड़ टैबलेट्स

दुनिया कोरोनावायरस संकट से जूझ रही है। कोराेना के खिलाफ कोई कारगर दवा अभी तक नहीं है।ऐसे में सिर्फ एक दवा हाइड्रोक्सी-क्लोरो-क्विन (एचसीक्यू) की सबसे ज्यादा चर्चा है। केंद्र सरकार ने 25 मार्च को इसके निर्यात पर बैन लगा दिया था। बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति की मांग पर बैन हटाया गया। सिर्फ अमेरिका ही नहीं, दुनिया के कई देश भारत से इस दवा की मांग कर रहे हैं। यह दवा कोरोना की नहीं, बल्कि मलेरिया की है। शुरुआती स्तर पर अभी तक कोरोना के संक्रमण और लक्षणों को कम करने में इसे सबसे ज्यादा प्रभावी माना जा रहा है। हालांकि,शनिवार को देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि यह दवा किसको और कितनी देनी है, इस बारे में वह कोई अनुशंसा नहीं करता है। साथ ही यह भी कहा कि बिना डॉक्टर की सलाह के यह दवाई न ली जाए। पिछले 76 साल से भारत में एंटी मलेरिया और रूमेटाइड अर्थराइटिस के उपचार में उपयोग की जा रही इस दवाई की अचानक से बाजार में किल्लत हो गई है। सबसे पहले बड़े पैमाने पर दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान इस दवा का उपयोग हुआ था। यह टैबलेट मूल रूप से इम्यून पॉवर को बढ़ाती है। भारत ने 13 देशों के लिए अपना...

लॉकडाउन से गंगा में मानव मल की मात्रा लक्ष्मण झूले के पास 47 और हरिद्वार में 25 प्रतिशत कम हुई

इन दिनों गंगा-यमुना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं। सुखद आश्चर्य के साथ लोग इन वीडियो में बता रहे हैं कि कैसे देश भर में हुए लॉकडाउन के बाद इन नदियों का पानी स्वतः ही बेहद साफ नजर आने लगा है। दिल्ली तक आते-आते जो यमुना पूरी तरह से गंदा नाला दिखने लगती है, इन दिनों फिर से नदी लगने लगी है। ऐसे ही गंगा भी इन दिनों इतनी साफ लगने लगी है कि ऋषिकेश-हरिद्वार तक तो उसके पानी को पीने योग्य बताया जाने लगा है। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की हालिया रिपोर्ट बताती है कि ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला क्षेत्र में इन दिनों गंगा के पानी में फ़ीकल कॉलिफोर्म (मानव मल) की मात्रा में 47 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं ऋषिकेश में बैराज से आगे यह कमी 46 प्रतिशत, हरिद्वार में बिंदुघाट के पास 25 प्रतिशत और हर की पौड़ी पर 34 प्रतिशत दर्ज की गई है। इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है लॉकडाउन के दौरान हर की पौड़ी पा गंगा का पानी ‘क्लास-ए’ स्तर का हो चुका है। यानी इसे ट्रीट किए बिना ही सिर्फ़ क्लॉरिनेशन करके भी पिया जा सकता है। ऐसे में यह सवाल बेहद प्रासंगिक लगता है कि गंगा-यमुना सफ़ाई के नाम पर खर्च हो चुक...

Companies badly hit by coronavirus COVID-19 pandemic targets of foreign takeovers, says Rahul Gandhi

via Google News https://ift.tt/3eiFzd9