Skip to main content

अब तक 43.40 लाख संक्रमित और 2.92 लाख मौतें: अमेरिका में अगस्त तक 1.47 लाख लोगों की जान जा सकती है

दुनिया में करोनावायरस से अब तक 43 लाख 40 हजार 58 लोग संक्रमित हो चुके हैं। दो लाख 92 हजार मौतें हो चुकी हैं, जबकि 16 लाख दो हजार 155 लोग ठीक हो चुके हैं। सिएटल स्थित इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन ने बुधवार को कहा कि अमेरिका में अगस्त की शुरुआत तक 1 लाख 47 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो सकती है। पहले के अनुमान से यह 10 हजार ज्यादा है।

ट्विटर:हमेशा घर से काम करने की अनुमति

ट्विटर के कर्मचारी न केवल कोरोनावायरस महामारी के दौरान बल्कि इसके बाद भी अगर वे चाहे तो हमेशा के लिए अपने घर से काम कर सकते हैं। ट्विटर ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा, “अगर हमारे कर्मचारी घर से काम करने की स्थिति में हैं और वे ऐसा हमेशा के लिए चाहते हैं तो हम इसे पूरा करने का प्रयास करेंगे।” इसके अलावा कर्मचारियों के पास सुरक्षा का ध्यान रखते हुए कंपनी के कार्यालयों में काम करने का विकल्प खुला रहेगा। बयान के अनुसार ट्विटर सितंबर के पहले अपना कार्यालय नहीं खोलेगा और उसके पहले कुछ अपवादों को छोड़ किसी भी तरह की व्यापारिक यात्रा नहीं होगी।

अमेरिका में लॉकडाउन हटाने को लेकर चेतावनी

अमेरिका की कोरोना टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. एंथनी फॉसी ने अमेरिकी राज्यों से लॉकडाउन हटाने को लेकर चेतावनी दी है। अगर माहामीर को काबू में करने की क्षमता विकसित किए जाने से पहले राज्यों को राहत दी जाती है तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प दोबारा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं।

रूस: तीसरा सबसे ज्यादा संक्रमित देश
अमेरिका (14.08 लाख) और स्पेन (2.69 लाख) के बाद रूस तीसरा सबसे ज्यादा संक्रमित देश बन गया है। यहां अब तक 2 लाख 32 हजार 243 मरीज मिल चुके हैं। यहां लगभग 10 दिनों से हर दिन 10 हजार से ज्यादा केस मिल रहे हैं। वहीं, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दिमीत्री पेस्कोव भी संक्रमित पाए गए हैं।

2.83 लाख से ज्यादा की मौत पार: डब्ल्यूएचओ
24 घंटे में दुनियाभर से 4261 मौतें सामने आई हैं। कुल मौतों का आंकड़ा 2.83 लाख हो गया है। डब्ल्यूएचओ ने बुधवार को कहा कि दुनिया भर में कुल संक्रमितों की संख्या 40 लाख 88 हजार 848 हो गई है। 24 घंटे में 82,591 मामले सामने आए हैं। ज्यादातर मामले यूरोप में दर्ज किए गए हैं, जहां इनकी संख्या 17 लाख 55 हजार 790 है। यहां कुल 1 लाख 57 हजार 880 मौतें हुई हैं।

फ्रांस: 27 हजार मौतें

फ्रांस में 24 घंटे में 348 नई मौतें सामने आई हैं। मरने वालों की संख्या बढ़कर बुधवार को 27 हजार के पार हो गई। इसी के साथ अमेरिका, ब्रिटेन और इटली के बाद फ्रांस कोरोना से बुरी तरह प्रभावित देशों में चौथे नबंर पर आ गया। यहां अब तक 1 लाख 40 हजार 227 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि अब तक 57,785 लोग ठीक हो चुके हैं।

लेबनान: टोटल लॉकडाउन

लेबनान में अब तक 870 मरीज मिल चुके हैं, जबकि 26 लोगों की जान जा चुकी है। यहां सरकार ने संक्रमण के खतरों को देखते हुए टेटल लॉकडउन की घोषणा की है। चार दिनों पहले ही पाबंदियों में राहत दी गई थी, जिसके बाद केस अचानक बढ़ने लगे। मंगलवार को यहां 11 नए मामले सामने आए।

मिस्र: 347 नए मामले
मिस्र में मंगलवार को कोरोना के 347 नए मामले सामने आए हैं। संक्रमितों की संख्या बढ़कर 10,093 हो गई है। मिस्र के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता खालिद मेगाहेद ने मंगलवार को बताया कि मंगलवार को 11 मरीजों की मौत हो गई। इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 544 हो गई है। अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर मेगाहेद ने महामारी के खिलाफ जंग लड़ रही मिस्र की नर्सों के प्रयासों और बलिदानों की प्रशंसा की और उन्हें ‘मिस्र की सफेद सेना’ कहा।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
कैलिफोर्निया के एक अस्पताल में इंटेसिव केयर यूनिट में भर्ती कोरोना मरीज। राज्य में अब तक करीब 71 हजार मरीज संक्रमित हैं।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3dGvRA5
via IFTTT

Comments

Popular posts from this blog

कोरोना के चलते वर्क फ्रॉम होम का आदेश हुआ, तो नासा के वैज्ञानिक 19 हजार करोड़ रुपए का क्यूरोसिटी मार्स रोवर अपने घर से चला रहे

अगर आपको घर से काम करना कठिन लगता है, तो अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के वैज्ञानिक आपके लिए मिसाल बन सकते हैं। वे मंगल ग्रह की जानकारी जुटाने वाले 18,750 करोड़ रुपए से ज्यादा की कीमत वाले ‘क्यूरोसिटी मार्स रोवर‘ को अपने घर से चला रहे हैं। इससे मार्स रोवर के काम में कोई रुकावट नहीं आई है और वह अब भी मंगल ग्रह से जुड़े आंकड़े और तस्वीरें इकट्‌ठा कर रहा है। हालांकि टीम को थोड़ी मुश्किल हो रही है क्योंकि सभी को एक साथ 15 चैट चैनल्स पर भी नजर रखनी पड़ती है। लेकिन, फिर भी अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए वे घर से ही काम करना पसंद कर रहे हैं। ट्रेंड: वर्क फ्रॉम होम की नौकरी तलाशने वाले60% तक बढ़े जॉब पोर्टल मॉन्स्टरके मुताबिक, वर्क फ्रॉम होम जॉब्स तलाशने वालों की संख्या में पिछले कुछ समय में 60% तक का इजाफा हुआ है। वहीं गूगल ट्रेंड्स भी बताता है कि लॉकडाउन के दौरानवर्क फ्रॉम होम से जुड़ी सर्च में इजाफा हुआ है। जनवरी की तुलना में इसे मार्च में 82% तक ज्यादा सर्च किया गया। रिसर्च फर्म गार्टनर के मुताबिक, दुनिया में 2030 तक घर से काम करना 30% बढ़ जाएगा, क्योंकि जनरेशन-जेड वर्कफोर्स में आ जाएगी। 64% पेश...

92 साल के भवानी शंकर शर्मा ने संक्रमण से ठीक होने पर कहा- कभी नशा नहीं किया, पैदल चलने और मेरी जीवटता ने ही मुझे नई जिंदगी दे दी

ये हैं 92 साल के भवानी शंकर शर्मा। इन्होंने न सिर्फ कोरोना को हराया है बल्कि, जिंदगी जीने की सबसे खूबसूरत तस्वीर भी दिखाई। 28 अप्रैल को कोरोना संक्रमण से पूरी तरह मुक्त होकर वे फिलहाल घर में क्वारैंटाइन की गाइडलाइन फॉलो कर रहे हैं। इस उम्र में ऐसा क्या था जो उनकी मजबूत इच्छाशक्ति को जगाए था? आइए जानते हैं उन्हीं की जुबानी। 'मैं अगर ठीक होकर लौटा हूं तो उसकी वजह सिर्फ मेरा परिवार है। क्योंकि, मेरे सब यार-दोस्त अलविदा कह चुके हैं, इच्छाएं अब उड़ान की रही नहीं। बस, परिवार में खुद को देखना चाहता था। मुझे परिवार में लौटना था। उम्र के हिसाब से तो मुझे ऊपर वाले से कोई शिकायत नहीं। बस एक बार परिवार से मिलना चाहता था...मेरे दोनों बेटे रिटायर्ड डॉक्टर, इंजीनियर हैं। उन्हीं के बीच अंतिम सांस लेने की इच्छा थी।' 'यही प्रार्थना ऊपर वाले से करके सबकुछ उस पर छोड़ दिया। मैं और कर भी क्या सकता था? कोरोना संक्रमण कैसे हुआ इसका तो मेरे पास कोई जवाब नहीं, लेकिन यह जरूर याद है कि 13 से 28 अप्रैल तक एसएमएस स्थित कोरोना इलाज केंद्र में दिन कैसे बीते, पता ही नहीं चला। इलाज के दौरान मैंने खुद को कम...

अमेरिका में कोरोना के कारण 1.7 करोड़ लोगों के सामने भोजन संकट; 60 हजार एजेंसियां, दो लाख वॉलंटियर्स खाना पहुंचा रहे

अमेरिका कोरोना से दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। यहां 13 लाख से ज्यादा मामले आ चुके हैं। 80 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। यहां कोरोना की वजह से दो महीने में करीब 1.7 करोड़ लोगों के सामने खाने का संकट आ गया है। दो महीने में यह संख्या करीब 46% बढ़ी है। जबकि अमेरिका में कोरोना और अन्य कारणों से भूखे रहने वाले लोग साढ़े पांच करोड़ हो चुके हैं। ऐसे में फूड सिक्योरिटी और भुखमरी पर काम करने वाला राष्ट्रीय संगठन फीड अमेरिका लोगों तक खाना पहुंचा रहा है। फीड अमेरिका की सीईओ कैटी फिजगेराल्ड ने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखकर लगता है कि हालात हमारे नियंत्रण से बाहर हो गए हैं। ऐसी स्थिति में कोई भी खाद्य सुरक्षा के संकट में पड़ सकता है। स्थिति भयानक हो सकती है। अमेरिका में 3.7 करोड़ लोग खाने के संकट से जूझ रहे थे ऐसे लोगों की तादाद भी बढ़ रही है, जिनके सामने खाने-पीने का संकट पैदा हो गया है। कोरोना से पहले अमेरिका में 3.7 करोड़ लोग इस संकट से जूझ रहे थे। कोरोना, बेरोजगारी की वजह से महज दो महीने में इसमें 1.7 करोड़ लोग और जुड़ गए। यानी अभी करीब साढ़े पांच करोड़ लोग संकट में ह...

कोरोना की उजली तस्वीरः आबाद हो रहे उत्तराखंड के 1700 भूतिया गांव, 2 लाख से ज्यादा लोग लौट रहे हैं

पूरा देश कोरोना से जूझ रहा है, लेकिन कोरोना उत्तराखंड के लिए एक सकारात्मक खबर लाया है। जिन लोगों ने रोजगार के लिए वर्षों पहले अपने पहाड़ी गांव छोड़ दिए थे, वे अब लौट रहे हैं। ये वही लोग हैं, जिन्हें वापस लाने के प्रयास सरकार पिछले 10 साल से कर रही थी, लेकिन सफल नहीं रही थी। 10 सालों में राज्य के पर्वतीय जिलों से 5 लाख से ज्यादा लोग पलायन कर चुके हैं। ग्राम विकास एवं पलायन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, 60 हजार लोगों की घर वापसी हो चुकी है। एक सप्ताह में डेढ़ लाख लोग और लौट आएंगे। इनका रजिस्ट्रेशन हो गया है। ये लोग फिर से पलायन न करें, इसके लिए सरकार ने जतन चालू कर दिए हैं। पूर्व सीएस इंदुकुमार पांडेय के नेतृत्व में हाईपावर कमेटी काम कर रही है। पलायन आयोग ने भी इनसे बात कर सरकार को सिफारिशें देना शुरू कर दी हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूरी तरह खाली हो चुके 1700 भूतिया गांव में से आधे फिर आबाद हो सकेंगे। दो लाख से ज्यादा लोग तो इस हफ्ते ही वापस आ जाएंगे। भविष्य में लॉकडाउन खुलते ही करीब इतने ही लोग और वापस आ सकते हैं। उत्तरकाशी के डीएम आशीष सिंह कहते हैं कि जिले में लौटे 5 हजार लोगों म...

7 देशों से 8 विमानों में भारतीयों की वापसी होगी; पहली फ्लाइट दोपहर 3 बजे दिल्ली पहुंचने की उम्मीद

कोरोना वायरस की वजह से विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने के मिशन वंदे भारत का आज तीसरा दिन है। आज 7 देशों से 8 फ्लाइट आएंगी। ढाका से दिल्ली आने वाली फ्लाइट के सबसे पहले दोपहर 3 बजे लैंड होने की उम्मीद है। किस फ्लाइट में कितने लोग आएंगे, यह अभी साफ नहीं हो पाया है। इससे पहले मिशन के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को चार उड़ानों से भारतीयों की वापसी हुई। आज की 8 फ्लाइट कहां-कहां से आएंगी? कहां से आएगी कहां पहुंचेगी पहुंचने का समय ढाका दिल्ली दोपहर 3 बजे कुवैत हैदराबाद शाम 6.30 बजे मस्कट कोच्चि रात 8.50 बजे शारजाह लखनऊ रात 8.50 बजे कुवैत कोच्चि रात 9.15 बजे कुआलालंपुर त्रिची रात 9.40 बजे लंदन मुंबई रात 1.30 बजे दोहा कोच्चि रात 1.40 बजे 8 मई को 5 उड़ानों से लोग भारत लौटे वंदे भारत मिशन के दूसरे दिन यानी 8 मई को पहली फ्लाइट दोपहर 12 बजे दिल्ली पहुंची। इस फ्लाइट में सिंगापुर से 234 लोग आए। दूसरी फ्लाइट ढाका से 167 मेडिकल स्टूडेंट को लेकर श्रीनगर आई। तीसरी फ्लाइट रियाद से कोझिकोड पहुंची। इसमें आने वाले लोगों की संख्या पता नहीं चल पाई। बहरीन से कोच...

भारतीय पायलट ने कहा- चीन में हमें शक की नजरों से देखते हैं, प्लेन से उतरने भी नहीं देते

(कुमुद दास) दुनियाभर के देशों में इन दिनों लॉकडाउन है।अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल पर प्रतिबंध है। ऐेसी स्थिति में भी कुछ पॉयलट रेस्क्यू अभियान, दवाइयां और जरूरी सामग्री अन्य देशों में पहुंचाने में जुटे हुए हैं। ऐसी ही 20 से ज्यादा फ्लाइट ले जा चुके कैप्टन अमरिंदर सिंह धालीवाल ने बताया किशंघाई की उड़ानों में सबसे ज्यादा समय लगता हैं। इसके बावजूद चीन पहुंचने पर वहां के लोगों का व्यवहार रूखा ही रहता है। उन्हें लगता है कि उनका देश तो महामारी से मुक्त हो चुका है। ऐसे में वे लोग विदेश से आने वाले हर शख्स को शक की निगाह से देखते हैं। उन्हें अंदेशा रहता है कि कहीं बाहर से आने वाला शख्स वायरस का संक्रमण लेकर तो नहीं आ रहा। हमें प्लेन से बाहर आने की इजाजत नहीं होती- धालीवाल कैप्टन धालीवाल ने बताया किवे 29 मार्च को ईरान से 136 लोगों को लेकर आए थे। इससे पहले वेचीन, खाड़ी देशों के अलावा ढाका, यांगून और मालदीव तक रिलीफ फ्लाइट्स ले जा चुके हैं। उन्होंने बताया किजब भी हमारी फ्लाइट शंघाई एयरपोर्ट पर उतरती है, तो सिर्फ एक कमर्शियल स्टाफ ही दस्तावेजों का लेन-देन करता है। हमें प्लेन से बाहर आने की इजाजत नहीं ह...

सेंसेक्स 387 अंक और निफ्टी 96 पॉइंट ऊपर खुला, शुक्रवार को अमेरिकी बाजार डाउ जोंस 455 अंक ऊपर बंद हुआ था

सप्ताह में आज कारोबार के पहले दिन बाजार बढ़त के साथ खुला। सेंसेक्स 387.64 अंक ऊपर और निफ्टी 96.65 पॉइंट ऊपर खुला।ट्रेडिंग के आधा घंटा बाद ही बीएसई सेंसेक्स 650 अंक से भी ऊपर जाने में कामयाब रहा। इससे पहले शुक्रवार, 8 मई को बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ था। दिनभर की ट्रेडिंग के दौरान सेंसेक्स 645 अंक तक ऊपर जाने में कामयाब रहा था। हालांकि, कारोबार के अंत में सेंसेक्स 199.32 अंक या 0.63% ऊपर 31,642.70 पर और निफ्टी 52.45 पॉइंट या 0.57% ऊपर 9,251.50 पर बंद हुआ था। दुनियाभर के बाजार बढ़त के साथ बंद शुक्रवार को दुनियाभर के बाजारों में तेजी देखी गई। अमेरिकी बाजार डाउ जोंस 1.91 फीसदी की बढ़त के साथ 455.43 अंक ऊपर 24,331.30 पर बंद हुआ था। वहीं, अमेरिका के दूसरे बाजार नैस्डैक 1.58 फीसदी बढ़त के साथ 141.66 अंक ऊपर 9,121.32 पर बंद हुआ था। दूसरी तरफ, एसएंडपी 1.69 फीसदी बढ़त के साथ 48.61 पॉइंट ऊपर 2,929.80 पर बंद हुआ था। चीन का शंघाई कम्पोसिट 0.40 फीसदी बढ़त के साथ 11.72 अंक ऊपर 2,907.06 पर बंद हुआ था। इधर फ्रांस, जर्मनी, इटली के बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए। कोरोना से देश और दुनिया में मौतें देश म...

आईएनएस जलाश्व मालदीव से 698 भारतीयों को लेकर रवाना, इनमें 19 गर्भवती महिलाएं भीं; कल तक कोच्चि पहुंचने की संभावना

कोरोना महामारी की वजह से दुनियाभर में फंसे भारतीयों को हवाई और समुद्र मार्ग से घर लाया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 'वंदे भारत मिशन'और 'ऑपरेशन समुद्र सेतु'शुरू किया है। ऑपरेशन समुद्र सेतु के तहत सबसे पहले मालदीव से भारतीयों को लाया जा रहा है। माले से 698 भारतीयों को लेकर आईएनएस जलाश्व रवाना हो चुका है। इसके 10 मई को कोच्चि पहुंचने की संभावना है। आईएनएस जलाश्व के जरिए मालदीव से 595 पुरुष और 103 महिलाएं लौट रहे हैं। इनमें 19 गर्भवती महिलाएं भी हैं। नौसेना करीब 2000 लोगों को वापस लाने के लिए आईएनएस जलाश्व और आईएनएस मगर के जरिए ऑपरेशन चला रही है। दोनों युद्धपोत केरल के कोच्चि और तमिलनाडु के तूतीकोरिन से दो-दो बार माले जाएंगे। ऐसा बताया जा रहा है कि मालदीव से4500 लोगों ने भारत लौटने की इच्छा जताई है। मालदीव में करीब 27 हजार भारतीय रहते हैं। आईएनएस मगर रविवार को माले से निकलेगा मालदीवमें भारत के उच्चायुक्त संजय सुधीर ने बताया कि आईएनएस मगर रविवार को 200 भारतीय को लेकर तमिलनाडु के तूतीकोरिन जाएगा। फिर अगले हफ्ते माले फिर आएगा।सुधीर ने बताया कि आईएनएस जलाश्व गुरुवार ...

मोदी आज मुख्यमंत्रियों के साथ 5वीं बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा करेंगे, केंद्र ने राज्यों से कहा- अब आर्थिक गतिविधियों को गति दें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सभीमुख्यमंत्रियों के साथ पांचवीं बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे। बैठक दोपहर 3 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी, जिसमें सभी मुख्यमंत्रियों को बात रखने का मौका मिलेगा। लॉकडाउन का तीसरा फेज 17 मई को खत्म हो रहा है। ऐसे में मोदी मुख्यमंत्रियों से कोरोना से निपटने की रणनीति, लॉकडाउन की बंदिशें कम करने और आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने पर सुझाव मांग सकते हैं। दूसरी ओर, केंद्र सरकार का फोकस अब इकोनॉमी को गति देने के लिए राज्यों में कामकाज शुरू कराने पर है। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने रविवार कोराज्यों केचीफ सेक्रेटरी (मुख्य सचिव) और हेल्थ सेक्रेटरी (स्वास्थ्य सचिव) से बात की थी।गौबा ने कहा कि अब राज्य सरकारों को आर्थिक गतिविधियां चालू करने पर जोर देना चाहिए। सरकार प्रवासियों के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला रही है। सभी राज्य इसमें ज्यादा से ज्यादा सहयोग करें और वंदे भारत मिशन के तहत विदेशों में फंसे लोगों की लौटने में मदद करें। कई राज्यों ने रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन पर सवाल उठाए सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट सेक्रेटरी के साथ चर्चा में कई राज्यों ने रेज, ग्रीन और ऑरेंज जोन में ब...

ड्रोन अब तक आंख कान थे लेकिन अब हाथ भी, 13 राज्यों में 700 से ज्यादा ड्रोन कर रहे हैं निगरानी और दवा छिड़कने का काम

ड्रोन अब तक आंख कान थे लेकिन अब हाथ भी बन गए हैं। ड्रोन के जरिए पुलिस न सिर्फ मॉनिटरिंग कर रही है बल्कि कई जगह दवा का छिड़काव भी किया जा रहा है।खास बात ये है किबड़ी संख्या में ऐसे ड्रोन पायलट एकजुट हुए हैं, जो बिना कोई चार्ज लिए पुलिस और प्रशासन के लिए ड्रोन ऑपरेट कर रहे हैं।देशभर में 1400 से ज्यादा लोगों ने अपने ड्रोन पुलिस की मदद के लिए इस्तेमाल करने की इच्छा जताई है। हालांकि अभी करीब 720 ड्रोन से ही मॉनिटरिंग की जा रही है। सिर्फ गुजरात में ही 160 निजी ड्रोन काम पर लगे हुए हैं। जहां आदमी नहीं जा सकते, वहां ड्रोन पहुंच रहे हैं और पुलिस, प्रशासन के मददगार बन रहे हैं। आसमान में उड़ने वाले ये ड्रोन पुलिस की आंख, कान और हाथबने हुए हैं। गुजरात में मार्च से ही ड्रोन के जरिए निगरानी शुरू हो गई थी। गुजरात से शुरू हुआ इनिशिएटिव ड्रोन पायलट मुफ्त में सरकार की मदद के लिए आगे आए हैं। मार्च महीने में गुजरात के अहमदाबाद में 'इंडियन ड्रोन कोड' के नाम से एक इनिशिएटिव शुरू किया गया। इस इनशिएटिव को शुरू करने वाले निखिल मेठिया ने बताया कि, हमाराड्रोन लैब के नाम से स्टार्टअप है। कोरोनावाय...