Skip to main content

देश के रेस्टोरेंट और होटलों के पास जमा हो गया 3 हजार करोड़ की शराब का स्टॉक, सरकार से होम डिलीवरी की इजाजत मांगी

शराब निर्माताओं के साथ-साथ अब रेस्टोरेंट्स, बार और खान-पान संबंधी ऑनलाइन सुविधा देने वाली कंपनियों ने भी सरकार से शराब की होम डिलिवरी करने की छूट मांगी है। इन कंपनियों का कहना है कि इससे कोरोना संक्रमण के खतरे वाले इस दौर में लोगों के बीच सुरक्षित दूरी सुनिश्चित होगी बल्कि यह पाबंदी में तबाह हो चुके उनके कामकाज को भी उबारने में मददगार साबित होगा।

बियर बनाने वाली कंपनियों के संगठन ऑल इंडिया ब्रेवर्स एसोसिएशन (एआईबीए) ने इसके लिए फ्लिपकार्ट, अमेजन और ग्रोफर्स जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों और जोमैटो व स्विगी जैसी फूड डिलीवरी कंपनियों को विशेष लाइसेंस देने का सुझाव दिया है। संगठन ने कहा कि ये कंपनियां ऑनलाइन ऑर्डर ले सकती हैं और लाइसेंस प्राप्त खुदरा औरथोक शराब विक्रेताओं के जरिए मांग को पूरा कर सकती हैं।

संगठन ने शराब के लिए राज्य के आबकारी विभागों के तहत ऑनलाइन ऑर्डर करने के लिए पोर्टल बनाने का भी सुझाव दिया। भारतीय राष्ट्रीय रेस्टोरेंटसंघ (एनआरएआई) के अध्यक्ष अनुराग कटरियार ने कहा, ‘इस समय हम काफी संकट से जूझ रहे हैं। एक तरफ हमारे पास महंगी शराब का स्टॉक जमा हो गया है, वहीं दूसरी तरह हमारे सामने नकदी का संकट है।’

कटरियार ने कहा, ‘हम सभी राज्य सरकारों से अपील करते हैं कि हमें शराब के स्टॉक की बिक्री की अनुमति दी जाए। ‘होम डिलीवरी’ मॉडल से हम यह शराब बेच सकते हैं। ’खान-पान संबंधी ऑनलाइन सुविधा देने वाली कई कंपनियां सरकार से मंजूरी मिलने पर शराब की होम डिलिवरी करने के लिए तैयार हैं।’ सूत्रों की मानें तो शराब की ऑनलाइन बिक्री व होम डिलीवरी के लिए स्विगी जैसी कंपनियों के साथ अथॉरिटी की बातचीत चल रही है।

कई देशों ने ऑनलाइन डिलीवरी की इजाजत दी

बियर कैफे के संस्थापक और सीईओ राहुल सिंह ने कहा कि भारत में शराब तीन तरीकों खुदरा, होरेका (होटल, रेस्तरां और कैटरिंग) और कैंटीन स्टोरों के जरिए बेची जाती है। देशभर में (होटल, रेस्तरां और कैटरिंग) लाइसेंस वाले स्थानों की संख्या 30 हजारके करीब है। लॉकडाउन की वजह से देशभर में विभिन्न आउटलेट्स पर कम से कम 3 हजारकरोड़ रुपए का स्टॉक पड़ा है। राज्य सरकारों से हमारी अपील है कि हमें अस्थाई रूप से स्टॉक बेचने की अनुमति दी जाए। कई देशों ने ऐसा किया है, भारत में भी यह संभव है।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
सूत्रों की मानें तो शराब की ऑनलाइन बिक्री व होम डिलीवरी के लिए स्विगी जैसी कंपनियों के साथ प्राधिकरणों की बातचीत चल रही है। (प्रतीकात्मक फोटो)


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2Anik29
via IFTTT

Comments

Popular posts from this blog

मुश्किल वक्त में मां ही सबसे मजबूत साबित होती है, कोरोना फैला और हिम्मत की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ी तो बच्चों की ताकत बनकर लड़ीं दुनियाभर की माएं

सबसे पहले बात चीन के वुहान में हुई एक स्टडी की। जामा पीडिएट्रिक्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वुहान में 33 बच्चे संक्रमित मां से पैदा हुए थे। जिनमें से तीन को छोड़कर सभी स्वस्थ्य थे। जो तीन संक्रमित थे उनमें से 2 बच्चे 6 दिन के होने से पहले ही ठीक भी हो गए थे। इस रिपोर्ट का जिक्र इसलिए क्योंकि वुहान वह जगह है जहां से कोरोना संक्रमण की शुरुआत हुई। और वहां की ये रिसर्च बताती है कि मां मुश्किल वक्त में मजबूत साबित होती है। और अपनी हिम्मत से बच्चों की सुरक्षा करती है। मेडिकल साइंस ये बात माने या न माने ये तस्वीरें यही कहानी कह रही हैं... तस्वीर वियतनाम के हनोई शहर की है। यहां एक मां ने अपने छोटे बच्चे को कोरोना से बचाने के लिए शील्ड पैक कर दिया है। यहां अब तक कोरोना के सिर्फ 288 मरीज मिले हैं। अच्छी बात ये है कि यहां कोरोना ने अब तक किसी की जान नहीं ली। तस्वीर इंडोनेशिया के जावा शहर की है, जिसे 1 अप्रैल को खींचा गया था। इस तस्वीर में जो दिख रही हैं, वो हैं 35 साल की युका, जो अपने 12 दिन के बेटे को गोद में खिला रही हैं। कोरोना की वजह से इंडोनेशिया के अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के सा...